Monday, Oct 25, 2021
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Last Ardas for the martyr farmers, took out candle march

शहीद किसानों के लिए अंतिम अरदास, निकाला कैंडल मार्च

  • Updated on 10/12/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में वाहनों के काफिले द्वारा कुचले गए पांच शहीदों की अंतिम प्रार्थना में शामिल होने के लिए आज हजारों किसान और उनके समर्थक दिल्ली के बॉर्डर्स से लेकर तिकुनिया पहुंचे। ये किसान न केवल उत्तर प्रदेश और उसके लखीमपुर खीरी जिले से थे बल्कि पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों से भी आए थे। हवीं अंतिम अरदास के बाद शाम को कैंडल मार्च भी निकाला गया। 
      किसानों ने एक बार फिर जोर-शोर से और स्पष्ट रूप से घोषणा कर दी है कि वे भाजपा आरएसएस की विभाजनकारी राजनीति के कारण अपनी एकता और ताकत को टूटने नहीं देंगे। इसे तोडऩे की कोशिश के लिए इस किसान आंदोलन के साथ सांप्रदायिक खेल नहीं खेला जा सकता है और भाजपा को इससे बचना चाहिए। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा पूरे देश ने अब तक एक शक्तिशाली शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन को कुचलने के लिए भाजपा के हताश हत्यारे प्रयासों को देखा है। 
       किसान नेताओं ने कहा कि हम किसी भी तरह से आंदोलन को पटरी से नहीं उतरने देंगे और हम इससे केवल मजबूत हुए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने घोषणा की कि वह लखीमपुर खीरी हत्याकांड के शहीदों और अब तक आंदोलन में शामिल 630 से अधिक अन्य लोगों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देगा। नछत्तर सिंह, लवप्रीत सिंह, गुरविंदर सिंह, दलजीत सिंह और रमन कश्यप के लिए हुई इस प्रार्थना सभा से संयुक्त किसान मोर्चा ने इस नरसंहार की घटना में न्याय दिलाने का संकल्प लिया। वहीं 15 अक्तूबर किसनों ने पुतला दहन करने, 18 को रेल रोको का आह्वान दोहराया। 

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