Friday, May 07, 2021
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Mahavikas Aghadi government of Maharashtra is under threat musrnt

महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार पर छाए संकट के बादल

  • Updated on 3/30/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पिछली होली से ठीक पहले मध्य प्रदेश की कांग्रेस नीत कमलनाथ सरकार गिराने वाली भाजपा क्या महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार लुढ़काने की योजना पर काम कर रही है? एनसीपी प्रमुख शरद पवार और पार्टी के दिग्गज नेता प्रफुल्ल पटेल से गुजरात में हुई भेंट पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के जवाब ने इन संभावनाओं पर संस्पेंस बढ़ा दिया है। शिवसेना सांसद संजय राउत का पार्टी के मुखपत्र सामना में छपे साप्ताहिक स्तंभ ने इसमें आग में घी डालने का काम कर दिया है।

सूत्रों और एक गुजराती अखबार के मुताबिक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार और उन्हीं की पार्टी के प्रमुख नेता प्रफुल्ल पटेल की शनिवार की रात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से गुजरात में गुपचुप मुलाकात हुई है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक शरद पवार और पटेल किसी काम से जयपुर गए हुए थे। वहीं से निजी विमान के जरिए वे अहमदाबाद पहुंचे। इसी दौरान अमित शाह भी अहमदाबाद पहुंचे और एक कॉमन व्यवसायी मित्र के फार्म हाउस पर इन सबकी मुलाकात हुई।

दिल्ली में रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में जब अमित शाह से इस मुलाकात के बारे में पूछा गया तो उन्होंने यह कहते हुए सस्पेंस बढ़ा दिया कि हर बात सार्वजनिक नहीं की जा सकती। इसके बाद से कयासों का दौर चल रहा है। जानकार मान रहे हैं कि महाराष्ट्र में सियासत करवट ले रही है और कभी भी उलटफेर हो सकता है।

दरअसल, उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के सामने विस्फोटक से भरी कार बरामद होने और मनसुख हिरेन की हत्या में महाराष्ट्र पुलिस के एपीआई सचिन वाजे की संलिप्तता को लेकर महाराष्ट्र की सियासत गरमाई हुई है। इस बीच मुम्बई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह द्वारा राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपए की उगाही कराने का आरोप लगने के बाद शिवसेना और एनसीपी में खटपट बढ़ गई है।

शिवसेना के मुखपत्र सामना में उसके संपादक और शिवसेना सांसद संजय राउत ने लिखा कि अनिल देशमुख को गृह मंत्री का पद दुर्घटनावश मिला। जयंत पाटिल और दिलीप वालसे पाटिल ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। इसी कारण शरद पवार ने अनिल देशमुख को इस पद के लिए चुना। राउत ने देशमुख पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि अगर सचिन वाजे जैसा कोई कनिष्ठ अधिकारी मुम्बई पुलिस आयुक्त के दफ्तर से वसूली का गिरोह चला रहा था तो यह कैसे हो सकता है कि गृह मंत्री को इसके बारे में जानकारी न हो?

वाजे मुम्बई पुलिस में एक एपीआई था। किसने उसे इतनी शक्तियां दीं? वह किसका पसंदीदा था? यह सब सामने आना चाहिए। हालांकि बाद में ट्वीट कर संजय राउत ने कहा कि बुरा न मानो होली है। लेकिन उनके लेख को लेकर एनसीपी भड़की हुई है।

एनसीपी नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने राउत के लेख पर चेताया कि नमक छिड़कने का काम न किया जाए। पुणे के बारामती शहर में संवाददाताओं से अजित पवार ने कहा कि मंत्री पद का आवंटन हर राजनीतिक दल के प्रमुख का विशेषाधिकार होता है।

जब तीन दलों की सरकार ठीक से काम कर रही है, ऐसे में किसी को स्थिति बिगाडऩी नहीं चाहिए। अवांछित टिप्पणी करने के बजाय इसका सम्मान किया जाना चाहिए। पिछले ह ते सामना में ही लिखे एक लेख में राउत ने सोनिया गांधी की जगह शरद पवार को यूपीए चेयरपर्सन बनाने का सुझाव देकर कांग्रेस को पहले ही नाराज कर रखा है।

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