Monday, Oct 25, 2021
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MLAs are threatening the officers, threaten to hang them upside down

विधायक अधिकारियों को धमका रहे, उल्टा लटकाने की देते हैं धमकी, मेयर ने सीएम से की शिकायत

  • Updated on 10/14/2021

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। गाजियाबाद में कूड़ा निस्तारण समस्या बनता जा रहा है और दूसरी ओर बसपा विधायक असलम चौधरी सस्ती राजनीति के चक्कर में गांलद में कूड़ा डंप ना हो इसके लिए लोगों को भडक़ा रहे हैं। वह अधिकारियों को नहर में फेंकने और उल्टा लटकाने की धमकी तक दे रहे हैं। यह तमाम आरोप लगाते हुए महापौर ने गालंद में कूड़ा निस्तारण के लिए समस्याएं को दूर करने की मांग सीएम से की है। महापौर ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री को पूरे विवाद से अवगत कराया है और धौलाना से विधायक असलम चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 

अधिकारियों को धमका रहे विधायक, नहर में उल्टा लटका दूंगा

महापौर आशा शर्मा ने अपने शिकायती पत्र में लिखा है कि जब गांलद में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाने के लिए जमीन खरीदी जा रही थी। उस वक्त बसपा विधायक ने कोई आपत्ति नहीं की। लेकिन चुनाव करीब आते देख। लोगों को बरगलाकर गांलद का विरोध कर रहे हैं। यहां तक कि वह नगरायुक्त व निगम के अधिकारियों को नहर में उल्टा लटकाने की भी धमकी देते हैं। इसके अलावा अन्य तरह की अपमान जनक बातें भी विधायक द्वारा कही जा रही हैं। महापौर की मांग है कि लखनऊ इस मामले में हस्तक्षेप करे ताकि कूड़ा निस्तारण की समस्या विवाद की भेंट ना चढ जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई हो। 

समस्या हल ना हुई तो जी का जंजाल बन जाएगा कूड़ा
कूड़ा निस्तारण की समस्या को भी महापौर ने खत में सामने रखा है। जिसमें उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही गालंद की समस्या का समाधान ना हुआ तो कूड़ा शहर वासियों के लिए जी का जंजाल बन जाएगा। खत में महापौर लिखती हैं कि शहर में रोजाना 1200 मीट्रिक टन कूड़ा बनता है। जिसमें से केवल 4 सौ मीट्रिक टन कूड़े का ही निस्तारण हो पाता है। 8 अगस्त को गाजियाबाद में नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव ने निर्णय लिया था कि कूड़ा निस्तारण गांलद के अलावा कहीं ना हो। लेकिन अब सस्ती राजनीति के चक्कर में गालंद तक कूड़ा पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। 

कंपनी के भी पेंच कसे शासन
अपने खत में महापौर ने वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के लिए अनुबंधित कपंनी के पेंच कसने की सिफारिश भी शासन से की है। महापौर बताती हैं कि 2019 में 14 अक्तूबर को नीदरलैंड की कंपनी जीसी इंटरनेशनल के साथ वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का करार हुआ। जिसके लिए नगर निगम गाजियाबाद व जिला प्रशासन द्वारा 44.25 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई। जीडीए को भी कूड़ा यहीं डंप करना था। लेकिन कूड़ा एकत्रित ना होने पर कंपनी काम शुरू नहीं कर सकती थी। 
  बाद में कपंनी की देरी की वजह से शहर में 4 स्थानों पर गार्बेज फैक्ट्री लगाईं गईं। जो शहर के कुल कूड़ा निस्तारण का केवल एक तिहाई ही जरूरत को पूरा कर पाती हैं। कंपनी द्वारा अगर काम पहले शुरू हो जाता तो कूड़ा निस्तारण की समस्या हल हो जाती। इसलिए उन्होंने शासन से मांग की है कि कंपनी को जल्द से जल्द प्लांट शुरू करने के निर्देश दिए जाएं। 
 

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