Wednesday, Jul 06, 2022
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Mundka fire: AAP demands case of culpable homicide murder against Delhi BJP president

मुंडका अग्निकांड: AAP ने की दिल्ली BJP अध्यक्ष पर ‘गैर इरादतन हत्या’ का मामला दर्ज करने की मांग

  • Updated on 5/18/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली के मुंडका अग्निकांड में 27 लोगों की मौत के लिए बुधवार को दिल्ली भाजपा प्रमुख आदेश गुप्ता और उनके पूर्ववर्ती मनोज तिवारी और सतीश उपाध्याय को जिम्मेदार ठहराया और मांग की कि उनके खिलाफ ‘‘गैर इरादतन हत्या’’ का मामला दर्ज किया जाए। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) ने भवन के अनधिकृत निर्माण की अनुमति दी, जहां 13 मई को भीषण आग लग गई थी।  

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     उन्होंने साथ ही यह भी आरोप लगाया कि परिसर में औद्योगिक गतिविधियों को नियमों का उल्लंघन करते हुए अनुमति दी गई क्योंकि इसके लिए रिश्वत दी गई थी। उन्होंने मांग की कि रिश्वत किसने ली, इसकी जांच होनी चाहिए।     आप की ओर से यह मांग तब की गई है जब एनडीएमसी ने एक दिन पहले मुंडका अग्निकांड की घटना के बाद नरेला क्षेत्र में एक लाइसेंस निरीक्षक सहित तीन अधिकारियों को उनकी ओर से ‘‘प्रथम ²ष्टया’’ ढिलाई के लिए निलंबित कर दिया था।    

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 आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘इन तीन एमसीडी अधिकारियों के निलंबन से यह साबित हो गया है कि 27 लोगों की मौत के लिए भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता, उनके पूर्ववर्ती मनोज तिवारी और सतीश उपाध्याय जिम्मेदार हैं।’’     उन्होंने कहा कि एनडीएमसी ने उस इमारत में ‘‘अनधिकृत’’ औद्योगिक गतिविधि जारी रखने दी जहां आग लगी थी, जबकि उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति ने इसे सील कर दिया था।   

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 भारद्वाज ने आरोप लगाया कि अनधिकृत औद्योगिक गतिविधि वहां जारी रही क्योंकि मामले के सिलसिले में गिरफ्तार भवन मालिक मनीष लकड़ा ‘‘भाजपा का आदमी’’ था और भाजपा पार्टी के नेताओं के साथ उसके घनिष्ठ संबंध थे, जिसमें पश्चिम दिल्ली के सांसद परवेश वर्मा के चाचा मास्टर आजाद सिंह के साथ संबंध शामिल है। उन्होंने कहा कि उपाध्याय, तिवारी और गुप्ता उस समय दिल्ली भाजपा के लगातार अध्यक्ष रहे, जब भवन का निर्माण किया जा रहा था, जब इसके परिसर में अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियां शुरू हुईं और जब आग की त्रासदी हुई।   

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   भारद्वाज ने सवाल किया, ‘‘जब भी हमने एमसीडी और उसके भवन विभाग में भ्रष्टाचार के बारे में बात की, तो वे बचाव के लिए सामने आए। गुप्ता आग की घटना को अलग तरह से क्यों मोड़ रहे हैं? क्या उन्होंने रिश्वत ली?’’     उन्होंने कहा, ‘‘वे 27 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं। हम मांग करते हैं कि उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या के लिए प्राथमिकी दर्ज की जाए और यह पता लगाने के लिए जांच की जाए कि क्या रिश्वत केवल उनके हाथ में गई या उन्होंने इसे भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ भी साझा किया।’’  

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   भाजपा के इस आरोप पर कि दिल्ली सरकार ने इमारत में शराब की दुकान खोलने की अनुमति दी थी, आप नेता ने कहा कि आबकारी विभाग ने दुकान को अपनी मंजूरी दे दी क्योंकि एनडीएमसी के नरेला जोन के तत्कालीन सहायक आयुक्त ने ‘‘झूठा’’ अनापत्ति प्रमाण पत्र 2016 में दिया था, जिसमें कहा गया था कि भवन का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। 

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