Tuesday, Oct 04, 2022
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Pakistan introduced ordinance in Kulbhushan Jadhav case in National Assembly prshnt

कुलभूषण जाधव मामला में पाकिस्तान सरकार ने नेशनल असेंबली में पेश किया अध्यादेश

  • Updated on 7/28/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले के मद्देनजर पाकिस्तान सरकार ने सोमवार को संसद में एक अध्यादेश पेश किया है जिसका विपक्षी दल जमकर विरोध कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय अदालत समीक्षा और पूर्ण विचार अध्यादेश 2020 के तहत सैन्य अदालत के फैसले की समीक्षा के लिए एक याचिका इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में एक अर्जी के माध्यम से दायर की जा सकती है जो अध्यादेश जारी होने के 60 दिन के भीतर होना चाहिए। इस अध्यादेश को 20 मई को अधिनियमित किया गया था।

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भारत को राजनयिक पहुंच देने का निर्देश
बता दें कि भारतीय नौसेना सेवानिवृत्त अधिकारी 50 वर्षीय कुलभूषण जाधव को अप्रैल 2017 में एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद जाधव तक राजनयिक पहुंच 
नहीं देने और मौत की सजा सुनाए जाने को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ आईसीजे का दरवाजा खटखटाया गया था।

जिसके बाद हेंग स्थित आईसीजे ने जुलाई 2019 में फैसला सुनाते हुए कहा था कि पाकिस्तान को  जाधव की सजा की प्रभावी समीक्षा और इस पर पुनर्विचार करना चाहिए और साथ ही भारत को राजनयिक पहुंच देनी चाहिए।

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जाधव के लिए कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने की मांग
बता दें कि पाकिस्तान ने पिछले हफ्ते इस मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी, जिसमें जाधव के लिए कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने की मांग की गई थी, हालांकि अध्यादेश के तहत कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा याचिका दायर करने से पहले भारत सरकार सहित प्रमुख पक्षों से परामर्श नहीं किया गया।

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