Tuesday, Jun 28, 2022
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Red Fort Visitor''s Centre to tell country''s glorious historical story

लालकिला का विजिटर सेंटर, सुनाएगा देश की गरिमामयी ऐतिहासिक कहानी

  • Updated on 1/25/2022

नई दिल्ली। अनामिका सिंह। भारत की आजादी व उसके गणतंत्र की मजबूती की गाथा बिना लालकिले के हमेशा ही अधूरी रहेगी। यही वजह है कि इस कहानी को 360 डिग्री के अंदाज में दिखानेे के लिए लालकिले के भीतर विजिटर सेंटर का निर्माण किया गया है। यहां लालकिला बनने से लेकर उसमें घटित हुई महत्वपूर्ण घटनाओं से पर्यटक रूबरू हो पाएंगे। इसमें 1857 का स्वतंत्रता संग्राम व आईएनए के सैनिकों पर चला मुकदमा व सुभाषचंद्र बोस की हुंकार भी सुनाई देगी। इस विजिटर रूम में साउंड और लाइटिंग का खास ध्यान रखा गया है। जिसे डिजिटल तकनीक की मदद से कथाओं को जीवंत किया जाएगा। बता दें कि हाल ही में इसका परीक्षण कर लिया गया है अब सिर्फ कोविड के मामले कम होने के बाद इसका पर्यटक दीदार कर पाएंगे। 
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कहां मौजूद है विजिटर सेंटर
लालकिला में लाहौरी गेट से प्रवेश के बाद जब आप छत्ता बाजार पार कर नौबत खाना की ओर बढते हैं तो उल्टे हाथ में काॅलोनियल बिल्डिंग यानि अंग्रेजों द्वारा बनवाई गई एक बैरक आएगी। इसी बिल्डिंग में विजिटर सेंटर बनाया गया है। बता दें कि यह बिल्डिंग तकरीब न 150 साल पुरानी है जिसे 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद लालकिले पर अंग्रेजों के कब्जा होने के बाद अंग्रेज सैनिकों के लिए बनवाया गया था।
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लालकिला बनने से पहले की दिल्ली के बारे में भी जानेंगे पर्यटक
विजिटर सेंटर में लालकिला बनने से पहले की दिल्ली कैसी थी और शाहजहांनाबाद बसने व लालकिला बनने के बाद कैसी हुई इसका पूरा विवरण विजिटर सेंटर के भूतल व पहली मंजिल में देखने को मिलेगा। इसके लिए 2डी, 3डी तकनीक के साथ प्रोजेक्टर की मदद ली गई है। यहां दीवारों को अलग रूप देकर आगरा से दिल्ली तक, शाहजहांनाबाद, लालकिला के दर-ओ-दीवार, छत्ता बाजार, नौबतखाना, दीवान-ए-आम, खास महल, जनाना के अवशेष और शाहजहां के बाद लालकिला को शामिल किया गया है।
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शीशों से चमकेगा दीवान-ए-आम, बजेगा वंदे मातरम्
यहां 8 शीशों का इस्तेमाल कर दीवान-ए-आम की दास्तान बताई जाएगी, जो शीशों का महल प्रतीत होगी। उसमें नशेमन-ए-जिल्लेइलाही, दालान दरबार और गुलाल बाडी की संरचना देखने को मिलेगी। जबकि भूतल कक्ष में दीवारों को छुने पर वंदे मातरम् बांसुरी, सितार, संतूर, तबला, मृदंग की धुन पर बज उठेगा। सिर्फ पर्यटकों को इसके लिए दीवार पर लिखे गए वाद्ययंत्र के नाम को छुना होगा। वहीं एकता कक्ष के शीशों में आप गुम हो जाएंगे।
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पर्यटक ले पाएंगे सामाजिक कार्यों की प्रतिज्ञा
विजिटर सेंटर में आपको देशभक्ति व इतिहास से जुडी कहानिया ही नहीं बल्कि देश का एक अच्छा नागरिक बनने की भी शपथ लेनी होगी। इसके लिए एक टच स्क्रीन लगाई गई है जिसमें पर्यटक सामाजिक कार्यों की प्रतिज्ञा लेंगे। इसके अलावा यहां बच्चों को आकर्षित करने व खेल-खेल में इतिहास सीखाने के लिए किले की पहेली वाली गेम भी उपलब्ध की गई है। इसके अलावा कैफेटेरिया, थिएटर भी मौजूद हैं। हालांकि इसके लिए विजिटर्स को अलग से टिकट लेनी होगी।


 

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