Monday, Aug 08, 2022
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Scientists said about the new form of Kovid  no need to panic ALBSNT

कोविड के नए स्वरुप को लेकर वैज्ञानिकों ने कहा- घबराने की जरुरत नहीं

  • Updated on 12/29/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  ब्रिटेन से आए लोगों में मिले कोरोना वायरस के नए स्वरूप पर काबू के लिए मास्क, सैनेटाइजर, सामाजिक दूरी का पालन करना प्रभावी होंगे। यह आश्वासन वैज्ञानिकों ने दी है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि नए स्वरूप को लेकर चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।     

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि ब्रिटेन से हाल ही में लौटे छह लोगों में कोरोना वायरस के नए स्वरूप (यूवीआई-202012/01) का पता लगा है। इससे यह चिंता पैदा हो गयी कि इस बीमारी के खिलाफ भारत की लड़ाई और जटिल हो सकती है जबकि रोजाना नए मामलों की संख्या में कमी आ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बेंगलुरू स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं स्नायु विज्ञान अस्पताल (निमहांस) में जांच के लिए आए तीन नमूनों, हैदराबाद स्थित कोशिकीय एवं आणविक जीव विज्ञान केंद्र (सीसीएमबी) में दो नमूनों और पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) में एक नमूने में सार्स-सीओवी-2 के ब्रिटिश स्वरूप के जीनोम का पता लगा है।     

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कई वैज्ञानिकों ने चिंताओं को दूर करने का प्रयास करते हुए कहा कि अब तक ऐसे कोई सबूत नहीं है कि वायरस का यह स्वरूप अधिक घातक है। वहीं सीएसआईआर-आईजीआईबी संस्थान के निदेशक अनुराग अग्रवाल ने कहा कि सतर्क रहना और अच्छी आदतों का पालन करना पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि वायरस के नए प्रकार की पहचान सबसे पहले ब्रिटेन में की गयी है। और उसने नए स्वरूप के अधिक गंभीर होने के संबंध में कोई संकेत नहीं मिला है।  

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यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल (ईसीडीसी) ने कहा है कि 19 दिसंबर को ब्रिटेन द्वारा शुरू किए गए प्रारंभिक परिणामों से पता चलता है कि नया प्रकार पहले की अपेक्षा 70 प्रतिशत अधिक संक्रामक है। हालांकि, उसने यह भी कहा कि अधिक संक्रमण गंभीरता का कोई संकेत नहीं है। सीएसआईआर-आईआईसीबी कोलकाता की वरिष्ठ वैज्ञानिक ने यह भी कहा कि संक्रमण दर अधिक है। लेकिन इस संबंध में प्रयोगशाला आधारित कोई साक्ष्य नहीं हैं।

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