Tuesday, Dec 07, 2021
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ऑक्सीजन को लेकर राष्ट्रीय कार्यबल की सिफारिशों पर उठाए कदमों की जानकारी दे केंद्र: सुप्रीम कोर्ट

  • Updated on 8/9/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी के दौरान राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को ऑक्सीजन आबंटित करने के मामले में बनाए गये राष्ट्रीय कार्य बल की सिफारिशों पर की गयी कार्रवाई की रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर पेश करने का निर्देश सोमवार को केन्द्र को दिया। जस्टिस धनंज्य वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूॢत एम आर शाह की पीठ ने कहा कि इस राष्ट्रीय कार्य बल में चूंकि देश भर के वरिष्ठ चिकित्सक और विशेषज्ञ शामिल हैं, इसलिए केंद्र को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह वर्तमान और निकट भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिये नीतिगत स्तर पर इन सिफारिशों को विधिवत रूप से लागू करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए। 

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पीठ ने इस मामले को सप्ताह के लिए स्थगित करते हुये इसे कोविड की तैयारियों को लेकर स्वत:संज्ञान मामले के साथ सूचीबद्ध कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि कार्यबल ने अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है और राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की जरूरत को लेकर गठित उप-समिति ने भी अपनी अंतरिम रिपोर्ट दे दी है। शीर्ष अदालत केंद्र सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा थी जिसमें उसने दिल्ली उच्च न्यायालय की तरफ से केंद्र सरकार के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के आदेश को चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 मरीजों के लिए 700 मीट्रिक टन चिकित्सीय श्रेणी की ऑक्सीजन सप्लाई के उसके आदेश का अनुपालन नहीं करने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने को कहा था। 

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सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के कार्यालय की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता रजत नायर ने शुरुआत में कहा कि एक पत्र बीती शाम प्रेषित किया गया है और उन्हें एनटीएफ की सिफारिशों पर उठाए गए कदमों की जानकारी देने के लिये थोड़े समय की जरूरत है। पीठ ने नायर को बताया कि वह यह जानना चाहती है कि सरकार एनटीएफ की अनुशंसाओं को कैसे क्रियान्वित कर रही है। इस मामले में न्यायमित्र नियुक्त किए गए वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को ऑक्सीजन आवंटन के आकलन के लिये गठित उप-समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट दे दी है और अदालत को उसे देखने में अपना समय नहीं गंवाना चाहिए। 

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दिल्ली सरकार की तरफ से पेश हो रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा कि वह गुप्ता के प्रतिवेदन से सहमत हैं लेकिन सिर्फ यह बताना चाहते हैं कि उन्होंने उप-समिति द्वारा दी गई अंतरिम रिपोर्ट के नतीजों पर आपत्ति व्यक्त की है। मेहरा ने अदालत से अनुरोध किया कि वह इस मामले को कोविड की तैयारियों से जुड़े स्वत:संज्ञान के मामले के साथ ही ले क्योंकि उसमें सभी राज्य पक्ष हैं। केंद्र का पक्ष रख रहीं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि एनटीएफ की अंतिम रिपोर्ट और उप-समिति की अंतरिम रिपोर्ट को 22 जून को पेश किया गया था। 

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इसके बाद पीठ ने निर्देश दिया कि सभी रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया जाए और केंद्र को एनटीएफ की सिफारिशों पर उठाए गए कदमों की जानकारी देनी चाहिए। पीठ ने अपने आदेश में कहा, 'उचित होगा अगर इस मामले को भी कोविड की तैयारियों से संबंधित स्वत: संज्ञान के मामले के साथ लिया जाए। मामले को दो हफ्तों के बाद के लिए सूचीबद्ध किया जाए।’’ पीठ ने गुप्ता और मामले में एक और न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा से मामले में सुनवाई की अगली तारीख से पहले एक छोटा नोट भी देने को कहा कि आगे के लिये क्या रास्ता हो सकता है, 'जिससे हम तीसरी लहर के लिये तैयार हो सकें।’’ 

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