Thursday, May 13, 2021
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Vocal for local did not climb Increase in import of Chinese product questions arose ALBSNT

वोकल फॉर लोकल नहीं चढ़ा परवान! चीनी उत्पाद की आयात में आई तेजी, उठे सवाल

  • Updated on 2/12/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। चीन और भारत (India) के बीच हालिया विवाद किसी से छिपी नहीं है। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी के पिछले साल वोकल फॉर लोकल का नारा भी काफी चर्चित रहा है। जिसमें उन्होंने लोकल सामानों की ही खरीददारी में प्राथमिकता देने की लोगों से अपील कई बार की है। लेकिन बीते साल के आंकड़े ठीक इसके उलट बयां करता है। जिसमें यह सामने आया है कि भारत के साथ चीन की ट्रेड में इजाफा ही हुआ है। 

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बता दें कि पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच झड़पें भी हुई है। जिसके बाद देश भर में चीन के खिलाफ माहौल भी बना। आमजनों से चीनी प्रोडक्ट के बॉयकाट करने की अपील भी कई बार की गई। वहीं पीएम के वोकल फॉर लोकल का नारा भी इसी संदर्भ में देखा गया। इसके बावजूद  चीन के साथ ट्रेड में तेजी आई है तो कहीं न कहीं एक बार फिर चीन को लेकर स्ट्रेटेजी में बदलाव करना होगा। आंकड़ें पर नजर दोड़ाये तो साफ होता है कि अप्रैल से नवंबर 2020 के बीच भारत में चीन के तरफ से आयात में 3.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। जबकि निर्यात में भी चीन की हिस्सेदारी 2.5 फीसदी बढ़ी ही है।

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मालूम हो कि यह आंकड़ा कॉमर्स मंत्रालय ने दी है। मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच कपड़े,ऑर्गेनिक केमिकल,फार्मा प्रोडक्ट,सर्जिकल और केमिकल के सामानों का हुआ है। हालांकि इतना तो साफ है कि चीन के तरफ से भारत में जरुर निवेश में भारी कमी आई है। साल 2017-18 में जहां चीन ने 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर निवेश किया तो वहीं अब यह घटकर 164 मिलियन डॉलर हो गया है। वहीं भारत सरकार ने चीनी निवेश को लेकर साफ कर दिया है कि सरकार की अनुमति से ही निवेश संभव होगा। जिससे भी चीनी निवेश को गहरा धक्का लगा है।
 

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