Monday, Jun 27, 2022
-->
Woman thrashed to death, husband and second wife convicted

महिला की पीट-पीट कर हत्या, पति व दूसरी पत्नी दोषी करार

  • Updated on 5/16/2022

महिला की पीट-पीट कर हत्या, पति व दूसरी पत्नी दोषी करार
अदालत ने पड़ोस की महिला व डॅाक्टर के बयानों को माना अहम

 

पूर्वी दिल्ली, 16 मई (नवोदय टाइम्स): कडक़डड़ूमा कोर्ट स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नवीन गुप्ता की अदालत ने महिला की पीट-पीट कर हत्या करने के आरोपी पति व उसकी दूसरी पत्नी को गैर इरादतन हत्या करने का दोषी करार दिया है। मृतका के बच्चों ने गवाही में कहा कि उनकी मां की मौत सीढ़ी से फिसलने के कारण हुई, जबकि पड़ोस मे रहने वाली महिला ने गवाही दी कि मृतका की मौत पिटाई की वजह से हुई, महिला ने अदालत को बताया कि महिला को उसके पति और पति की दूसरी पत्नी ने पीटा था। मृतका के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर की गवाही ने मामले में निर्णायक भूमिका अदा की।

पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर ने अदालत को बताया कि सीढ़ी से गिरने से इस तरह की चोटें नहीं लगती, किसी ने मुक्के या जोरदार वार से ऐसे जख्म होते हैं। डाक्टर और पड़ोसन के बयान मेल खाने पर अदालत ने आरेपियों को दोषी करार दिया।
ये था मामला

9 सितंबर 2015 को फर्श बाजार इलाके के भोलानाथ नगर में सरस्वती नामक महिला की मौत हुई थी। पुलिस के मुताबिक मृतका की बेटी सीमा ने बयान दिया था कि पिता मोहन लाल और उसकी दूसरी पत्नी के तौर पर घर में रह रही शीला ने आठ सितंबर 2015 को उनकी मां ने पीटा था, उनका सिर दीवार पर मारा था। अगले दिन नौ सितंबर 2015 को भी सरस्वती की पिटाई की गई थी। इलाज के दौरान डॉ हेडगेवार अस्पताल में सरस्वती ने दम तोड़ दिया था। इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर मोहन लाल और शीला को आरोपी बनाया गया था।

अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान मृतका की बेटी सीमा ने गवाही दी कि उसकी मां का पैर सीढ़ी से फिसल गया था, जिससे वह नीचे गिर गई थीं। साथ ही अदालत को बताया कि शीला उनके यहां मेड का काम करती है। उसने पुलिस को दिए बयान से इन्कार करते हुए कहा कि उससे तीन.चार खाली कागजों पर पुलिस कर्मियों ने साइन कराए गए थे।

मृतका के दो बेटों राहुल और संजस ने गवाही में मां के सीढ़ी से गिरने की बात बताई, लेकिन शीला को लेकर दोनों ने गवाही में बताया कि शीला उनकी दुकान में काम करती थी। पड़ोस में रहने वाली अनीता ने गवाही दी कि सरस्वती को दोनों दिन उसके पति और शीला ने पीटा था। यह भी बताया कि शीला उनके घर में 16-17 सालों से रह रही है।

 मोहन लाल ने बयान दिया कि  शीला उसके साथ नहीं रहती थी और उसकी वजह से किसी तरह का झगड़ा नहीं था। अदालत ने मृतका के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर के भी बयान दर्ज करवाए व पाया कि मृतका के बच्चे सच नहीं बोल रहे। डाक्टर और पड़ोसन का बयानों के आधार पर अदालत ने माना कि यह हत्या का नहीं, गैर इरादतन हत्या का मामला है। 
 

comments

.
.
.
.
.