Tuesday, Jan 18, 2022
-->
teachers-of-23-departments-are-mobilized-for-against-new-acp

नई एसीपी व्यवस्था के खिलाफ उत्तराखंड के 23 विभागों के शिक्षक-कर्मचारी हुए लामबंद

  • Updated on 5/3/2018

देहरादून/ब्यूरो। सातवें वेतनमान में एश्योर करियर प्रोग्रेस (एसीपी) की नई व्यवस्था के खिलाफ सभी विभागों के कर्मचारी एकजुट होंगे। कर्मचारी नए सिरे से तय की गई एसीपी व्यवस्था से भड़के हुए हैं। इससे कर्मचारियों को भारी नुकसान हो रहा है। एक साल बाद भी मांग पूरी न होने पर अब शिक्षक-कर्मचारियों ने पहली बार एक साथ लड़ाई लड़ने पर सहमति बनाई है। 

इसके लिए उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा का गठन किया गया है, जो जल्द आंदोलन की तारीख तय करेगा। प्रदेश के शिक्षक-कर्मचारी सरकार द्वारा तय की नई एसीपी व्यवस्था को लेकर आक्रोशित हैं। लगातार मांग के बावजूद इसमें सरकार ने बदलाव नहीं किया है। प्रदेश के सभी विभागों के कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ लामबंद होकर लड़ने का निर्णय लिया है। 

उत्तरकाशी में एक करोड़ की लागत से निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार ढही, खतरे में गंगोत्री हाईवे

गुरुवार को मोर्चे की बैठक में कई मांगों पर चर्चा की गई। इसमें समान प्रकृति की 12 मांगों को लेकर एक साथ लड़ने पर सहमति बनी है। बैठक में सातवें वेतनमान में जारी हुई एसीपी की नई व्यवस्था, वेतन भत्तों पर सरकार की चुप्पी, वेतन विसंगति और समान कार्य के लिए समान वेतन देने समेत कई मांगें शामिल हैं। मोर्चे में संविदा कर्मचारियों से जुड़ी यूनियनों को भी शामिल किया गया। मोर्चे में 23 विभागों के शिक्षक-कर्मचारी शामिल हैं।

सीएम से मुलाकात के बाद तय होगी रणनीति
मोर्चा के संयोजक और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष ठाकुर प्रहलाद सिंह ने बताया कि सातवें वेतनमान से पहले राज्य के कर्मचारियों को एसपीपी का लाभ 10, 16 और 26 साल पर मिलता था। सातवें वेतनमान में इसे बदल कर 10, 20 और 30 कर दिया गया है। सरकार के रुख को देखते हुए अब इसको लेकर कर्मचारी एकजुट होकर लड़ेंगे। जल्द ही मोर्च का प्रतिनिध मंडल 12 सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को सौंपेगा। इसके बाद आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.