Wednesday, Apr 08, 2020
biggest-challenge-for-germany-since-wwii

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी की सबसे बड़ी चुनौती है कोरोना वायरस मर्केल

  • Updated on 3/19/2020

नई दिल्ली /टीम डिजिटल। जर्मनी (germeny) की चांसलर एंजेला मेर्केल (German Chancellor Angela Merkel) ने करोना वायरस (corona virus) को दूसरे विश्वयुद्ध (world war 2nd) के बाद अभी तक की सबसे बड़ी चुनौती करार दिया है। बुधवार को राष्ट्र के नाम के वीडियो संदेश जारी करते हुए उन्होने उम्मीद जताई कि इस लड़ाई में आखिर में जीत उन्हीं की होगी। मगर सभी जर्मन नागरिकों को समझना होगा कि ये उनकी जंग है।

अजब-गजब: इस कपल ने हवा में लटकर की शादी, देखने वालों का लगा तातां

एक के बाद एक देश हो रहे हैं ढेर
कोरोना वायरस एक के बाद एक दूसरे देश पर अपना जानलेवा हमला करता जा रहा है। चीन, इटली, ईरान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, अमेरिका समेत दुनिया भर के देश एक-एक करके इसके सामने आसानी से ढेर होते जा रहे हैं। जर्मनी में अभी तक 12327 मामले सामने आ चुके हैं वहीं 28 लोग जान से हाथ धो चुके हैं। हालांकि 25 लोग इससे संक्रमित होने के बाद पूरी तरह ठीक भी हो चुके हैं। मगर जर्मन सरकार इस के खिलाफ अपनी लड़ाई को लेकर बेहद गंभीर है।

भारतीय बाजार में जनवरी में Q8 उतारेगी Audi

इतना बड़ा खतरा कभी नहीं आया कि एकजुट होने की जरुरत हो
जर्मन ब्रॉडकास्टर ड्यूस्ट्चे वेल्ले के जरिए जनता से बात करते हुए एंजेला मेर्केल ने कहा कि ‘हालात गंभीर हैं, इसे गंभीरता से लीजिए। जर्मनी के विघटन और दूसरे विश्व युद्ध के बाद से अभी तक जर्मनी के सामने अभी तक इतना बड़ा खतरा कभी नहीं आया है, जिसके लिए देश के एकजुट कदम की जरुरत हो।‘

दिल्ली-NCR में प्रदूषण के बीच जर्मनी चांसलर ने की व्यापरियों संग बैठक

लोग घरों में कैद हो रहे हैं, हौसला बनाए रखिए
कोरोना के कारण लोगों की दिक्कतों का जिक्र करते हुए मैर्केल ने कहा कि ‘आप में से लाखों लोग काम नहीं कर पा रहे हैं, अपने बच्चों को स्कूल नहीं ले जा पा रहे हैं, थिएटर, सिनेमा और स्टोर बंद हो चुके हैं। सबसे ज्यादा मुश्किल ये है कि एक दूसरे से मिल भी नहीं पा रहे होंगे। ऐसे हाल में चीजें कैसे काम करेंगी इसको लेकर हम सभी के पास बहुत सारे सवाल होने लाजमी हैं। मगर अगर हम मिलकर काम नहीं करेंगे तो चीजें कैसे काम करेंगी।‘

आज जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल से मुलाकात करेंगे प्रधानमंत्री मोदी

जर्मन और अमेरिका बना रहे हैं सक्षम इलाज
गौरतलब है कि फिलहाल भारत ऑस्ट्रेलिया के अलावा दुनिया भर में छह देश कोरोना वायरस का सही इलाज तलाशने में जुटे हैं। वहीं अमेरिकी दवा कंपनी प्फिज़र और जर्मनी की बायोटैक्नालोजी कंपनी बायो एनटेक ने कोरोना वायरस के खिलाफ सक्षम दवाई बनाने का ऐलान किया है।

comments

.
.
.
.
.