Wednesday, Dec 08, 2021
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chandrayaan 2 nasa gets picture of vikram lander

चंद्रयान-2: NASA को मिली #VikramLander की अहम तस्वीरें, फिर जगी उम्मीद!

  • Updated on 9/20/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। भारत (India) के ऐतिहासिक मिशन 'चंद्रयान-2' (Chandrayaan-2) के लैंडर 'विक्रम' (Lander Vikram) के चांद पर उतरते समय इसरो (ISRO) से संपर्क टूट जाने के बाद भी वैज्ञानिकों ने हार नहीं मानी है। अब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) अपने चंद्रमा ऑर्बिटर से चांद के उस हिस्से की तस्वीरें खींची हैं, जहां भारत ने अभियान के तहत सॉफ्ट लैंडिंग कराने का प्रयास किया था। नासा (NASA) के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बृहस्पतिवार को इसकी पुष्टि की है।      

    

#VikramLander से संपर्क टूटने के कारणों का विश्लेषण कर रही है समिति: ISRO

लैडर से 21 सितंबर को फिर से संपर्क साधने का प्रयास

नासा के लूनर रिकॉनिसंस ऑर्बिटर (एलआरओ) अंतरिक्षयान ने 17 सितंबर को चंद्रमा के अनछुए दक्षिणी ध्रुव के पास से गुजरने के दौरान वहां की कई तस्वीरें ली, जहां विक्रम ने उतरने का प्रयास किया था। एलआरओ मिशन के डिप्टी प्रोजेक्ट साइंटिस्ट जॉन कैलर ने एक बयान में कहा कि इसने विक्रम के उतरने वाले स्थान के ऊपर से उड़ान भरी। लैडर से 21 सितंबर को संपर्क साधने का फिर प्रयास किया जाएगा।       

   

Chandrayaan2: लैंडर विक्रम से संपर्क की जारी है कोशिश, ISRO ने कही ये बात

सीनेट डॉट कॉम ने एक बयान में कैली के हवाले से कहा, LROC  टीम इन नयी तस्वीरों का विश्लेषण करेगी और पूर्व की तस्वीरों से उनकी तुलना कर यह देखेगी कि क्या लैंडर नजर आ रहा है (यह छाया में या तस्वीर में कैद इलाके के बाहर हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नासा इन छवियों का विश्लेषण, प्रमाणीकरण और समीक्षा कर रहा है। उस वक्त चंद्रमा पर शाम का समय था जब ऑर्बिटर वहां से गुजरा था जिसका मतलब है कि इलाके का ज्यादातर हिस्सा बिंब में कैद हुआ होगा।      

    

#Chandrayaan2: बनने ही वाला था इतिहास, जानें... 90 सेकेंड में कैसे बदल गया सब कुछ  

बता दें कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चंद्रयान-2' (Chandrayaan-2) के लैंडर 'विक्रम' का सात सितंबर को चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने का प्रयास पूरा नहीं हो पाया था। लैंडर का आखिरी क्षण में इसरो (ISRO) से संपर्क टूट गया था। नासा के एक प्रवक्ता ने इससे पहले कहा था कि इसरो के विश्लेषण को साबित करने के लिए अंतरिक्ष एजेंसी चंद्रयान-2 विक्रम लैंडर के लक्षित इलाके की पहले और बाद में ली गई तस्वीरों को साझा करेगी।        

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