Sunday, Dec 04, 2022
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आतंकवादियों के खात्में के लिए ब्रिक्स देशों के साथ चीन! शेयर करेगा खूफिया जानकारियां

  • Updated on 11/19/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। हाल ही में हुए ब्रिक्स सम्मेलन (BRICS Meeting) के दौरान चीन ने आतंकवादियों ने खिलाफ ब्रिक्स देशों के साथ अहम खुफिया सूचनाएं साझा करने को तैयार हो गया है।इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि इसबार की आतंकरोधी रणनीति पर हुई बिक्स देशों की बैठक काफी हद तक सफल रही। ऐसे में अगर इस पर काम हुआ तो आगे चलकर चीन के लिए पाकिस्तान का साथ देना मुश्किल हो जाएगा।

क्या है रणनीति
आतंकवाद से पूरा विश्व परेशान है। ऐसे में हाल ही में हुए ब्रिक्स सम्मेलन में आतंकवाद ही चर्चा का विषय रहा और इसके खात्मे को लेकर रणनीति बनाई गई।

आतंक को शह देने पर होगी कार्रवाई
इस रणनीति के तहत उन सभी देशों पर कार्रवाई की जाएगी जो किसी भी तरह से आतंकियों से संबंध रखते हो या उनकी किसी भी तरह से मदद करते हो। 

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कसनी होगी नकेल
पूरे विश्व में कुछ नाम आतंकी संगठन है जिन्होंने कई देशों की शांति भंग करने का फैसला लिया है। ऐसे ही संगठन, समूह और व्यक्तियों पर नकेल कसने का वक्त आ गया है। इनता ही नहीं जो व्यकित, देश या संगठन इनकी वित्त रूप से मदद कर रहा है उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस रणनीति पर सभी देशों ने अपनी रजामंदी दी है।

पीएम मोदी ने कहा ये
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को आतंकवाद को विश्व के समक्ष सबसे बड़ी समस्या बताया और संगठित तरीके से इसका मुकाबला करने का आह्वान करते हुए इसका समर्थन कर रहे देशों को जवाबदेह ठहराए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) देशों के शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और आईएमएफ तथा डब्ल्यूटीओ जैसे संगठनों में सुधार की आवश्यकता जताई।

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आतंकवाद पर कही ये बात
मोदी ने इस बात पर खुशी जताई कि रूस की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स ने आतंकवाद विरोधी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद आज विश्व के सामने सबसे बड़ी समस्या है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आतंकवादियों को समर्थन और सहायता देने वाले देशों को भी दोषी ठहराया जाए और इस समस्या का संगठित तरीके से मुकाबला किया जाए।’    


 

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