Friday, Jan 21, 2022
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india never accepted any illegal chinese occupation of its land: mea

भारत ने अपनी भूमि पर चीन के किसी भी अवैध कब्जे को कभी मंजूर नहीं किया: विदेश मंत्रालय

  • Updated on 11/11/2021

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। भारत ने वीरवार को साफ किया कि भारतीय भूमि पर चीन के किसी भी अनुचित दावे और अवैध कब्जे को कभी स्वीकार नहीं किया। भारत की ओर से यह वक्तव्य ऐसे वक्त में आया है, जब अमेरिकी रक्षा विभाग की एक रिपोर्ट में अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में चीन द्वारा एक बड़ा गांव निॢमत करने का दावा किया गया है।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने वीरवार को यहां साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत अपनी सुरक्षा पर प्रभाव डालने वाले सभी घटनाक्रमों पर निरंतर नजर रखता है और अपनी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता की हिफाजत के लिए सभी आवश्यक कदम उठाता है। उन्होंने कहा कि भारत ने भी चीन से लगे सीमावर्ती इलाकों में सडक़ों और पुलों के निर्माण सहित बुनियादी ढांचे के विकास को तेज किया है। बागची ने कहा कि भारत ने अमेरिका के रक्षा विभाग की रिपोर्ट का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि चीन ने दशकों पहले अवैध रूप से कब्जा किये गये इलाकों सहित सीमावर्ती इलाकों में पिछले कई वर्षों में निर्माण गतिविधियां की हैं। 

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बागची ने सवालों के जवाब में कहा कि इस साल की शुरुआत में भी इस मुद्दे पर मीडिया में रिपोर्ट देखने को मिली थी। भारत ने अपनी जमीन पर इस तरह के अवैध कब्जे और न ही चीन के अनुचित दावों को कभी स्वीकार किया है। सरकार ने इस तरह की गतिविधियों के प्रति राजनयिक माध्यमों से पहले ही अपने कड़े विरोध से चीन को अवगत करा दिया है और भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत ने सडक़ों, पुलों आदि के निर्माण सहित सीमा पर बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है, जिसने स्थानीय आबादी को सीमा पर अत्यावश्यक संपर्क उपलब्ध कराया है। 

नेपाल के सेना प्रमुख ने राजनाथ, जयशंकर से भेंट की 
नई दिल्ली (ब्यूरो): नेपाल के सेना प्रमुख जनरल प्रभुराम शर्मा ने वीरवार को यहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि इस मुलाकात में द्विपक्षीय रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग से संबंधित विषयों पर बातचीत हुई। वर्ष 1950 में शुरू हुई परंपरा को जारी रखते हुए बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जनरल शर्मा को ‘भारतीय सेना के जनरल’ की मानद उपाधि से विभूषित किया।

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