Sunday, Jul 12, 2020

Live Updates: Unlock 2- Day 12

Last Updated: Sun Jul 12 2020 09:26 PM

corona virus

Total Cases

872,780

Recovered

549,656

Deaths

23,087

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA254,427
  • TAMIL NADU134,226
  • NEW DELHI112,494
  • GUJARAT41,906
  • UTTAR PRADESH36,476
  • KARNATAKA36,216
  • TELANGANA33,402
  • WEST BENGAL28,453
  • ANDHRA PRADESH27,235
  • RAJASTHAN23,901
  • HARYANA20,582
  • MADHYA PRADESH17,201
  • ASSAM16,072
  • BIHAR15,039
  • ODISHA13,121
  • JAMMU & KASHMIR10,156
  • PUNJAB7,587
  • KERALA7,439
  • CHHATTISGARH3,897
  • JHARKHAND3,663
  • UTTARAKHAND3,417
  • GOA2,368
  • TRIPURA1,962
  • MANIPUR1,593
  • PUDUCHERRY1,418
  • HIMACHAL PRADESH1,182
  • LADAKH1,077
  • NAGALAND771
  • CHANDIGARH549
  • DADRA AND NAGAR HAVELI482
  • ARUNACHAL PRADESH341
  • MEGHALAYA262
  • MIZORAM228
  • DAMAN AND DIU207
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS163
  • SIKKIM160
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
indian-and-chinese-army-facing-together-on-lac-reason-vbgunt

क्यों उलझ रही है भारतीय सेना से चीन की सियासत, क्या है फसाद की जड़?

  • Updated on 6/3/2020

नई दिल्ली टीम डिजिटल। भारत और चीन (indo china border) की सीमा पर दोनों ओर सेना का जमावड़ा, बड़ता तनाव, राजनायिकों की बयानबाजी सभी कुछ जोरों पर है। दोनों देशों के इस विवाद में एक तरफा भारत (india) का पक्ष लेते हुए अमेरिका (america) ने चीन को शांति और कूटनीति की सलाह देनी भी शुरु कर दी है। वहीं देश में ही कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस तनाव के माहौल में चीन के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं और खुलेआम अपनी निष्ठा चीन के प्रति दिखाने से झिझक नहीं रहे हैं। हिंदुस्तान में ही कुछ खबरिया चैनल तो लगातार भारतीय सेना के खिलाफ खबरें चलाने पर आमादा है। मगर आखिर इस सारे फसाद की जड़ क्या है। अभी तक इस सीमा पर क्या और किस तरह की दिक्कतें पेश आती रही हैं जिनका परिणाम ये हुआ कि दोनों देशों की सेनाएं फिलहाल मैदान में एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चाबंदी बांध रही हैं।

राज्यसभा चुनाव: मप्र में दिग्विजय सिंह की राह हुई कठिन, बिगड़े समीकरण

सिर्फ लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल को लेकर ही है सारा फसाद
हिंदुस्तान की साढ़े तीन हजार किलोमीटर की सीमा चीन से लगती है। अरुणाचल में तवांग, लद्दाख में अक्साई चीन और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल या LAC। 3488 किलोमीटर इस लंबी LAC में से चीन सिर्फ दो हजार किलोमीटर लंबी रेखा को ही मानता है। 1962 में भारत पर चीन की चढ़ाई के बाद खिंची लाइन को इसी नाम से जाना जाता है। अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम का पूर्वी हिस्सा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश का मध्य भाग और लद्दाख का पश्चिमी भाग। हालांकि पूर्वी हिस्से में खिंची मैक्मेहॉन रेखा पर भारत का चीन से कोई विवाद जल्दी से सामने नहीं आता। मगर अरुणाचल प्रदेश के तवांग और बाराहोती मैदानों पर फसाद के हालात जब तब बने रहते हैं। दीगर बात है कि दोनों देशों के बीच में एक भी गोली नहीं चली है।

Cyclone Nisarga: मुंबई में आज 120 की रफ्तार से चलेगी हवा, उड़ानें रद्द, लैंडफॉल का अनुमान

चीन कई बार कर चुका है अक्साई चीन के बदले तवांग के सौदे की मांग
चीन से भारत के झगड़े की जड़ लद्दाख मानी जाती है। इसके पीछे दस्तावेजों के नाम पर चीन के पास सिर्फ आजाद हिंदुस्तान के पहले प्रधानमंत्री नेहरू की चिट्ठियां हैं जो उन्होंने तत्कालीन चीनी पीएम झाऊ एनलाई को लिखी थी। चीन अब भी इस इलाके में 1959 की LAC को मान्यता देने की मांग करता रहता है। सर्वे ऑफ इंडिया में अक्साई चीन और गिलगिट बाल्टिस्तान को भारत का हिस्सा नहीं माना जाता। भारत इस पर सहमत है। मगर चीन इतने पर तैयार नहीं है और तवांग और अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत के नाम पर हथियाने की फिराक में है। हालांकि चीन ने कई बार भारत से अक्साई चीन पर कब्जा लेने के बदले तवांग की मांग उठाई है। मगर हिंदुस्तान हर बार इसे पूरी तरह नकार चुका है।

यहां पढ़ें कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.