Friday, Jun 18, 2021
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NASA ने मंगल की सतह पर सफलतापूर्वक उतारा Perseverance रोवर, मिली बड़ी सफलता

  • Updated on 2/19/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। गुरुवार को नासा (NASA) को बड़ी सफलता मिली है। नासा पर्सिवियरेंस मार्स रोवर को सफलता के साथ मंगल पर उतार दिया गया है। इस लैंडिग को काफी सफल माना जा रहा है। बता दें यह लैंडिग रात को करीब ढाई बजे हुई थी। बता दें यह रोवर मंगल की सबसे खतरनाक सतह मानी जाने वाली जेजेरो क्रेटर पर लैंड किया था। बता दें यह लैंडिंग पूरी तरह सफल रही और नासा के रोवर ने जाते ही अपनी तस्वीरें भेजना शुरु कर दिया  

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शुक्रवार को लाल ग्रह पर उतरा रोवर
नासा का यान शुक्रवार को लाल ग्रह की सतह पर उतर गया। अब तक की सबसे जोखिम भरी और ऐतिहासिक इस खोज का उद्देश्य यह पता लगाना है कि मंगल ग्रह पर क्या कभी जीवन था। अभियान के तहत ग्रह से चट्टानों के टुकड़े भी लाने का प्रयास किया जाएगा जो इस सवाल का जवाब खोजने में अहम साबित हो सकते हैं।      

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ग्यारह मिनट लगा समय
कैलिफोर्निया के पासाडेना में अंतरिक्ष एजेंसी की जेट प्रॉपल्जन लेबोरेटरी में ग्राउंड कंट्रोलर अधिकारियों ने रोवर ‘पर्सवियरन्स’ के मंगल ग्रह की सतह पर उतरने की पुष्टि के बाद इस ऐतिहासिक घटना पर खुशी जतायी और राहत की सांस ली। सफल लैंडिंग के बारे में धरती तक सिग्नल पहुंचने में साढ़े ग्यारह मिनट का समय लगा और यह समाचार मिलते ही तनाव का माहौल खत्म हो गया।      

यान नियंत्रक स्वाति मोहन ने घोषणा की कि सतह पर पहुंचने की पुष्टि हुई। ‘पर्सवियरन्स’ मंगल की सतह पर सुरक्षित तरीके से पहुंच चुका है। पिछले एक सप्ताह में मंगल के लिए यह तीसरी यात्रा है। इससे पहले सऊदी अरब अमीरात और चीन के एक-एक यान भी मंगल के पास की कक्षा में प्रवेश कर गए थे।    

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क्यो बोले वैज्ञानिक
वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर कभी मंगल ग्रह पर जीवन रहा भी था तो वह तीन से चार अरब साल पहले रहा होगा, जब ग्रह पर पानी बहता था। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि रोवर से दर्शनशास्त्र, धर्मशास्त्र और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े एक मुख्य सवाल का जवाब मिल सकता है। इस परियोजना के वैज्ञानिक केन विलिफोर्ड ने कहा कि क्या हम इस विशाल ब्रह्मांड रूपी रेगिस्तान में अकेले हैं या कहीं और भी जीवन है? क्या जीवन कभी भी, कहीं भी अनुकूल परिस्थितियों की देन होता है ?     
पर्सविरन्स’ नासा द्वारा भेजा गया अब तक का सबसे बड़ा रोवर है। 1970 के दशक के बाद से अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी का यह नौवां मंगल अभियान है। चीन ने अपने मंगल अभियान के तहत ‘तियानवेन-1’ पिछले साल 23 जुलाई को लाल ग्रह के लिए रवाना किया था। यह 10 फरवरी को मंगल की कक्षा में पहुंचा। इसके लैंडर के यूटोपिया प्लैंटिया क्षेत्र में मई 2021 में उतरने की संभावना है। यूएई का मंगल मिशन ‘होप’ भी इस महीने मंगल की कक्षा में प्रवेश कर गया है।      

 

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