Monday, Oct 03, 2022
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pak government declares nawaz sharif a fugitive

देश हुआ बेगाना: पाक सरकार ने नवाज शरीफ को ‘भगोड़ा’ घोषित किया

  • Updated on 2/27/2020

नई दिल्ली /टीम डिजिटल। पाकिस्तान (pakistan) के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (nawaz shareef) को लंदन (london) में अपने डॉक्टरों से जरूरी मेडिकल रिपोर्ट पेश न कर जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में पाक सरकार (pak govt) ने ‘भगोड़ा’ घोषित कर दिया है। बुधवार को मीडिया में आई एक खबर में यह जानकारी दी गई। शरीफ (70) इलाज के लिए पिछले साल नवंबर में लंदन गए थे।

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सिर्फ चार हफ्तों की मिली थी इजाज़त
लाहौर उच्च न्यायालय ने मेडिकल आधार पर उन्हें चार सप्ताह के लिए विदेश जाने की अनुमति दी थी। शरीफ के डॉक्टर के अनुसार, पाक के तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके शरीफ को दिल की गंभीर बीमारी है जिसके लिए उनकी सर्जरी होनी है। डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, सरकार ने मंगलवार को शरीफ की जमानत अवधि न बढ़ाने और उन्हें इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर गठित बोर्ड के समक्ष मेडिकल रिपोर्ट पेश न करके जमानत शर्तों का उल्लंघन करने के लिए ‘भगोड़ा’ घोषित किया।

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लंदन के किसी अस्पताल से नहीं मिली मेडिकल रिपोर्ट
प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में संघीय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। सूचना पर प्रधानमंत्री की विशेष सहायक फिरदौस आशिक आवान ने कैबिनेट बैठक के बाद कहा, ‘नवाज शरीफ के लंदन में किसी भी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट न देने पर मेडिकल बोर्ड ने उनके मेडिकल प्रमाणपत्र को खारिज कर उन्हें भगोड़ा घोषित किया है।’ उन्होंने कहा, ‘आज से कानून के अनुसार नवाज शरीफ भगोड़े हैं और अगर वह देश नहीं लौटते हैं तो उन्हें घोषित अपराधी माना जाएगा।’

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8 हफ्तों तक जमानत अवधि बढ़ाने का आवेदन खारिज
फिरदौस ने कहा कि चिकित्सकीय आधार पर शरीफ के मामले की देख रेख करने के लिए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय की ओर से अधिकृत पंजाब सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री को कई पत्र लिखे और लंदन के किसी भी अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा लेकिन वह ऐसा करने में विफल रहे। फिरदौस ने कहा कि उन्होंने केवल प्रमाण पत्र भेजा जो मेडिकल बोर्ड में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पूछा, ‘अगर वह गंभीर रूप से बीमार हैं तो बोर्ड को समग्र मेडिकल रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी जा रही है।’ उन्होंने कहा, ‘पंजाब सरकार ने उनकी जमानत अवधि (जो 24 दिसंबर 2019 में समाप्त हो चुकी है) आठ हफ्ते बढ़ाने के आवेदन को स्वीकार नहीं करने का निर्णय किया है।

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