Tuesday, Jun 22, 2021
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एक-एक करके खुल रही  हैं पाकिस्तानी जासूसों की पर्तें, मचाने वाले थे ये तबाही

  • Updated on 6/2/2020

नई दिल्ली टीम डिजिटल। हिंदुस्तान के रक्षा गलियारों (defence sector) की पड़ताल में लगे पाकिस्‍तान हाई कमिशन (pakistan high commission) के स्‍टाफ के जासूसी के कारनामे (spy activities) एक-एक करके सामने आ रहे हैं। इन दिनों इन जासूसों की सारी कवायद रक्षा मंत्रालय (defence ministry) के इर्द-गिर्द थी और वो सिर्फ सेना से जुड़े बारीक से बारीक सूत्र को खंगालने की कोशिश में थे। मगर इनका मुख्य लक्ष्य सेना की सप्लाई चेन को काटना था।

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भारतीय सेना में सेंधमारी की फिराक में थे दोनों जासूस
पाकिस्‍तान हाई कमिशन के ISI के ट्रेन्‍ड दो जासूस- आबिद हुसैन और ताहिर हुसैन काफी अरसे से भारतीय सेना में सेंध लगाने की फिराक में थे। कभी पत्रकार, कभी कारोबारी, व्यापारी तो कभी सिर्फ सिक्योरिटी एजेंसी के हेड सरीखे नए-नए परिचयों के साथ ये लोग सेना के छोटे से छोटे कर्मचारी से राज उगलवाने की फिराक में रहते थे। आबिद और ताहिर ने पूर्वी दिल्ली के पते पर फर्जी आधार कार्ड भी तैयार करवा लिया था। अलग-अलग पहचान के साथ ये लोग सेना के रुटीन ऑपरेशन्स पर नजर रखते थे।

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रक्षा मंत्रालय से जुड़ी छोटी से छोटी जानकारियों पर रखे थे नजर
आबिद हुसैन और ताहिर हुसैन की हरकतों पर नजर रखे एजेंसियों का दावा है कि ये दोनों किसी बहुत बड़े मिशन पर नहीं थे, अलबत्ता छोटी से छोटी जानकारी निकाल कर ही अपने देश में पहुंचा देते थे। माना जा रहा है कि इनका मिशन सेना के सप्लाइ रूट को जानना था। ये दोनों हथियारों के मूवमेंट रूट की पड़ताल में लगे हुए थे। खासकर रेलवे के जरिए गोला-बारूद की सप्लाई का रूट जानने की उतावली में थे।

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युद्ध के हालात में सप्लाई लाइन को तबाह कर सकता था पाकिस्तान
माना जा रहा है कि इस जानकारी के मिल जाने के बाद पाकिस्तानी किसी भी युद्ध के हालात में इसी लाइन को तबाह कर देता और भारतीय सेना के लिए दिक्कतें पैदा हो सकती थी। युद्ध के हालात में इस जानकारी का काफी खतरनाक इस्तेमाल किया जा सकता था। ये सीधे तौर पर सेना के बड़े अधिकारियों की जगह छोटे-छोटे बैकहेंड जॉब्स में लगे लोगों तक पहुंचने की कोशिशों में लगे रहते थे।

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