Tuesday, Jan 19, 2021

Live Updates: Unlock 8- Day 19

Last Updated: Tue Jan 19 2021 10:42 PM

corona virus

Total Cases

10,596,107

Recovered

10,244,677

Deaths

152,743

  • INDIA10,596,107
  • MAHARASTRA1,994,977
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA931,997
  • KERALA911,382
  • TAMIL NADU831,866
  • NEW DELHI632,821
  • UTTAR PRADESH597,238
  • WEST BENGAL565,661
  • ODISHA333,444
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • RAJASTHAN314,920
  • JHARKHAND310,675
  • CHHATTISGARH293,501
  • TELANGANA290,008
  • HARYANA266,309
  • BIHAR258,739
  • GUJARAT252,559
  • MADHYA PRADESH247,436
  • ASSAM216,831
  • CHANDIGARH183,588
  • PUNJAB170,605
  • JAMMU & KASHMIR122,651
  • UTTARAKHAND94,803
  • HIMACHAL PRADESH56,943
  • GOA49,362
  • PUDUCHERRY38,646
  • TRIPURA33,035
  • MANIPUR27,155
  • MEGHALAYA12,866
  • NAGALAND11,709
  • LADAKH9,155
  • SIKKIM5,338
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,983
  • MIZORAM4,322
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,374
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
pm modi and xi jinping will be face-to-face at the brics conference today anjsnt

लद्दाख विवाद के बीच BRICS सम्मेलन में आमने- सामने होंगे PM मोदी और शी जिनपिंग

  • Updated on 11/17/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में सीमा पर चल रहे गतिरोध के बीच आज पीएम मोदी (PM Narendra Modi) और चीन के के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) 12वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए आमने- सामने आएंगे। चीन के साथ चल रहे ये विवाद के बीच ये दूसरी बार होगा जब पीएम मोदी और शी जिनपिंग का सामना होगा। इससे पहले दोनों की मुलाकात एससीओ शिखर सम्मेलन (SCO) में हुई थी।

ये देश लेंगे हिस्सा
आतंकवाद, व्यापार, स्वास्थ्य, ऊर्जा और कोरोनो वायरस महामारी के प्रभाव को दूर करने के तरीकों के लिए हो रही ये ब्रिक्स समूह के वर्चुअल शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अलावा, ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी हिस्सा लेने वाले हैं।

इस बार चीन कर रहा है मेजबानी
आपको बता दें कि ब्रिक्स देशों का यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब इसके दो प्रमुख सदस्य देशों भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में सीमा पर छह महीने पहले हुई एक हिंसप झड़प के बाद गतिरोध बरकरार है। अब दोनों पक्ष ऊंचाई वाले इलाकों से सैनिकों को पीछे हटाने के प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति पुतिन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी रूस की मेजबानी में हो रही ब्रिक्स देशों के 12वें शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। 17 नवंबर को हो रही इस बैठक का विषय वैश्विक स्थिरता, साझा सुरक्षा और नवप्रवर्तक विकास है।

सिब्बल के कांग्रेस में मंथन वाले बयान पर भड़के CM गहलोत, बोले- कार्यकर्ता का मनोबल मत तोड़िए

2021 में ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी करेगा भारत
ब्रिक्स को एक प्रभावी संगठन माना जाता है जो विश्व की कुल आबादी के आधे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। ब्रिक्स देशों का संयुक्त रूप से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 16.6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि बैठक में शामिल नेता आपसी सहयोग और आतंकवाद, व्यापार, स्वास्थ्य, ऊर्जा के साथ ही कोरोना महामारी के चलते हुए नुकसान की भरपाई के उपायों जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। मंत्रालय ने आगे कहा कि बैठक में अगले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत को अध्यक्षता सौंपी जाएगी। भारत 2021 में होने वाले 13वें ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इससे पहले भारत ने 2012 और 2016 में ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की है।

प्रयागराज से सांसद रीता बहुगुणा जोशी की पोती की पटाखों से जलने से मौत

भारत-चीन के बीच 'बेहद तनाव' रिश्ते
अधिकारियों के मुताबिक, चीन ने भी लगभग इतने ही सैनिक तैनात कर रखे हैं। दोनों पक्षों के बीच मई की शुरुआत में गतिरोध की स्थिति बनी थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले हफ्ते कहा था कि भारत और चीन के बीच रिश्ते 'बेहद तनाव' में हैं और सामान्य स्थिति की बहाली के लिये सीमा प्रबंधन के लिये दोनों पक्षों द्वारा किये गए समझौतों का 'संपूर्णता' से 'निष्ठापूर्वक' सम्मान किया जाना चाहिए। आठवें दौर की सैन्य बातचीत में भारतीय पक्ष का नेतृत्व लेह स्थित 14वीं कोर के नवनियुक्त कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन ने किया।

अगस्ता वेस्टलैंड मामले में नया मोड़, गवाह ने लिया कमलनाथ के बेटे-भतीजे का नाम

भारत का रुख स्पष्ट
सातवें दौर की बातचीत में दोनों पक्षों ने 'यथाशीघ्र' सैनिकों की वापसी के परस्पर स्वीकार्य समाधान तक पहुंचने के लिये सैन्य व कूटनीतिक माध्यमों से बातचीत एवं संवाद कायम रखने पर सहमति व्यक्त की थी। भारत का रुख शुरू से स्पष्ट है कि सैनिकों की वापसी और पहाड़ी क्षेत्र के गतिरोध वाले बिंदुओं पर तनाव कम करने की प्रक्रिया को आगे ले जाने का दायित्व चीन पर है। छठे दौर की सैन्य बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने सीमा पर और सैनिकों को नहीं भेजने, जमीनी स्थिति को बदलने की एकपक्षीय कोशिश से बचने और स्थिति को और अधिक गंभीर बनाने वाले किसी भी कदम या कार्रवाई से बचने समेत कई फैसलों की घोषणा की थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.