Friday, Apr 10, 2020
trump will remove all ban from america against corona

कोरोना से लड़ने में मोदी और ट्रम्प की सोच का फर्क गहराया, दो हफ्तों में ही हट जाएंगे सारे बैन

  • Updated on 3/26/2020

नई दिल्ली /टीम डिजिटल। भारत में सिर्फ नौ लोगों की जान जाने पर ही पीएम मोदी ने पूरे भारत के लॉक डाऊन का ऐलान कर दिया था। मगर 775 मौतों के बाद भी ट्रम्प अपने देश और व्यापार को बंद करने को तैयार नहीं हैं। अलबत्ता उन्होंने सिर्फ 15 दिनों के अंदर ईस्टर से पहले सारे प्रतिबंध हटाने का आश्वासन दिया है। अमूमन और ट्रम्प एक दूसरे से हर बात में सहमत रहते हैं। मगर अपने देश को बचाने को लेकर दोनों विश्व स्तरीय नेताओं की सोच में इतना फर्क हैरान कर रहा है।  

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डॉक्टरों पर छोड़ा तो पूरी दुनिया को बंद करके रख देंगे... 
सोमवार को ट्रम्प ने यहां तक कह दिया था कि अगर हम डॉक्टरों को छोड़ दें, तो वे हर चीज़ बंद करने को कह सकते हैं. वे कह सकते हैं कि पूरी दुनिया को बंद कर दें.हम एक देश के साथ ऐसा नहीं कर सकते। ख़ासकर जब वो दुनिया की नंबर वन अर्थव्यवस्था हो। भारत में जहां मोदी के धुर विरोधी भी मोदी के इस फैसले के मुरीद हो चुके हैं वहीं ट्रम्प के ज्यादातर राज्यों में उनकी मुखालफत के हालात हैं।

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मोदी की नजरों में कोरोना है बड़ा खतरा मगर ट्रम्प को गिरती अर्थव्यवस्था का डर
मोदी ने अर्थव्यवस्था को ताक पर रखते हुए कोरोना के खतरे को भांप कर लॉक डाऊन कर दिया है मगर ट्रम्प अपने देश में लगे हल्के-फुल्के प्रतिबंधों को भी जल्दी से जल्दी हटाने के उतावली में हैं। एक दिन पहले पत्रकारों के सामने उन्होंने ईस्टर तक सारे प्रतिबंध हटा लेने और चर्चों में भीड़ की बात कही थी। उनका विजन साफ है कि अर्थव्यवस्था का खतरा कोरोना से कहीं ज्यादा है।

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ट्रम्प: अमेरिका सोशल डिस्टेंसिंग और कामकाज एक साथ कर सकता है
ट्रम्प जोर देकर कहते हैं कि अमेरिकन लोग सोशल डिस्टेंस बनाए हुए भी अपना काम काज कर सकते हैं। इसके लिए लॉक डाऊन सरीखी कार्रवाई की जरुरत नहीं है। अलबत्ता बुजुर्गों और कमजोर-बीमार लोगों का खास ख्याल रखा जाएगा।ये तब है कि जब विश्व स्वास्थ्य संगठन अमेरिका को कोरोना का नया केंद्र होने और न्यूयॉर्क में पूरे अमेरिका से ज्यादा मामले मिलने की आशंका जता चुका है। अभी तक पूरे अमेरिका में 55 हजार मरीज सामने आ चुके हैं जिनमें से 25 हजार सिर्फ न्यूयॉर्क में हैं। गुस्साए ट्रम्प पहले ही चीन पर भारी भरकम आर्थिक हर्जाने के साथ चीन पर मुकदमा ठोकने की बात कह चुके हैं।

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अमेरिका के 17 राज्यों ने लॉक डाऊन का ऐलान किया, मगर ट्रम्प इसके पक्ष में नहीं
अमेरिका के 17 राज्यों के गवर्नर अपने राज्यों में लॉक डाऊन का ऐलान कर चुके हैं। विस्कोंसिन, डेलावेयर, मासाच्युसेट्स, न्यू मैक्सिको, वेस्ट वर्जीनिया और इंडियाना में लोगों को पूरी तरह घर में बंद करवा दिया गया है। वेंटिलेटर की मांग को लेकर न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू क्योमो तो कई बार डोनाल्ड ट्रंप से टकरा चुके हैं। वजह साफ है, ट्रम्प की नजर आने वाले चुनावों में अपने आर्थिक सुपर पावर बने रहने पर है। ऐसे में कोरोना के खतरे को नजर अंदाज करके वो फिलहाल सारी तवज्जो अर्थव्यवस्था को ऊपर उठाने में लगाए रहना चाहते हैं। मगर उनकी ये महत्वाकांक्षा पूरे अमेरिका पर भारी पड़ सकती है।

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