Tuesday, Jun 28, 2022
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What have we not seen to see this day?

ये दिन देखने के लिए हमने क्या-क्या नहीं देखा...

  • Updated on 6/22/2022


-प्रेरणादायी है ये कहानी: अरविंद केजरीवाल 
नई दिल्ली/अनिल सागर। किशोरी लाल अपनी पत्नी, दो बेटी और एक बेटे के साथ दिल्ली के अशोक नगर में रहते हैं। किशोरी बचपन से क्रिकेट के शौकीन थे। अच्छे खिलाड़ी थे अपना क्लब शुरू किया पहले जिला फिर स्टेट लेवल पर 20 साल तक देश भर में जाकर क्रिकेट भी खेला। मॉडर्न स्कूल बाराखंभा रोड में कपिल देव और यशपाल शर्मा के सामने बल्ला चलाया। लेकिन एक एक फैसले से उनकी जिंदगी बदल गई और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी उनकी प्रशंसा की। 
      क्रिकेट की दुनिया किशोरी के बारे में लोग कहते किशोरी क्रिकेट खेलना शानदार सिखाता है। कोचिंग देनी शुरू कर दी और 250 के करीब बच्चे आने लगे कई बच्चे सरकारी नौकरियों तक में पहुंच गए तो कुछ पुलिस, वकील और व्यापार मेंं रम गए। अचानक पिता की मृत्यु से परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ी, बीए बीच में रूक गया और जिम्मेदारियों के सामने क्रिकेट छूट गया। फैक्ट्री में काम करने गए किशोरी को महीने के 300 रूपए मिलते थे लेकिन वर्ष 2000 में फैक्ट्रियां सील हुई तो वो काम भी छूट गया। 
       किशोरी एक बेटे लक्ष्य आनंद व दो बेटियों के पिता हैं। एक  अस्पताल में गार्ड की नौकरी लगी लेकिन छूट गई। एक प्राइवेट स्कूल में केयर टेकर की नौकरी करने लगे। कोरोना में वह भी चली गई। करीबन 20-22 साल तक मजदूरी की अब नौकरी मिलनी बंद हो गई।  इसके बीच बच्चों की पढ़ाई उन्होने नहीं रूकने दी। कई बार मकान का किराया टाइम से ना दे पाने पर मकान मालिक ने मकान खाली करवा दिया लेकिन बेटे को खूब पढ़ाया। सरकारी स्कूल में पढ़े लक्ष्य ने डीटीयू से इंजीनियरिंग की परिवार की जिम्मेदारी समझने लगा। 
        लक्ष्य विदेशों में ऑनलाइन ट्यूशन क्लासेज देने लगा और पैसे मिले तो घर का खर्च चलने लगा। अभी कुछ दिन पहले की बात है। किशोरी अपने दोस्तों के साथ बैठे थे कि एक फोन आया और किशोरी रोने लगे....। दोस्तों ने पूछा अरे क्या हो गया...? किशोरी बोले मेरा बेटा आईएफएस बन गया। इसके बाद किशोरी के जीवन की कहानी बदल गई। उन्होने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, पहले मुंह में ज़ुबान थी लेकिन बोलने लायक नहीं थे आज बोलने लायक हैं, जो बोलते नहीं थे आज बात करना चाहते हैं, कार रोक देते हैं। अपने जो भूल गए थे आज कहते हैं, ये आपका घर है आकर रहिए। जिस मामा ने झिड़क कर कहा था, जब पैसे नहीं थे तो महंगे कॉलेज में क्यूं पढ़ा रहे हो...। अब शर्मिंदगी जता रहे हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीटर पर आई इस पूरी कहानी पर कहा, दिल्ली में रहने वाले किशोरी लाल जी की ये कहानी आप सबको ज़रूर पढऩी चाहिए। मेहनत, लगन, संघर्ष, जि़म्मेदारी, भरोसा और देशभक्ति की ये कहानी बेहद प्रेरणादायी है। 

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