Sunday, Nov 28, 2021
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what is the reality of the photo of chinese soldiers beating indian vbgunt

कहीं चीनी सैनिक पिटे तो कहीं भारतीय सैनिक हावी, क्या है तस्वीरों का सच

  • Updated on 6/2/2020

नई दिल्ली टीम डिजिटल। चीन और भारत बॉर्डर (indo china border) पर आमने-सामने हैं। सैनिक (soldiers) एक दूसरे को आंखें दिखा रहे हैं। दोनों देशों में एक संधि है, कोई हथियार नहीं चलाया जाएगा। मगर दोनों देशों के सोशल मीडिया (social media) की मानें तो रोज ये सेनाएं एक दूसरे को ना सिर्फ बंदी बना रही हैं बल्कि दोनों पक्षों के सैनिकों को मारा पीटा (man handeling) भी जा रहा है। सैनिकों के साथ बदसलूकी की जा रही है। जाहिर है, ज्यादातर तस्वीरें पुरानी हैं या फिर तस्वीरों की जुबानी गलत बयानी की कोशिश की जा रही हैं। तो आखिर क्या है इन तस्वीरों का सच...

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दोनों देशों के लोग कर रहे हैं फर्जी प्रचार
हिंदुस्तान के साथ सीमा पर बेवजह भिड़ने की कोशिशों ने फिर से चीन को भारत का दुश्मन साबित करना शुरु कर दिया है। भारत में लोग अपने सैनिकों के ऐसे वीडियो तेजी से वायरल करते दिखाई दे रहे हैं जिनमें वो चीन के सैनिकों की पिटाई कर रहे हैं, उनकी गाड़ियों में तोड़-फोड़ कर रहे हैं या फिर उन्हें गिरा कर चीनियों पर काबू किए हुए हैं। ऐसे ही वीडियो और फोटो चीन की ओर से भी जारी किए गए हैं। चीन की ओर से इस तरह के फर्जी वीडियो भी शेयर किये जा रहे हैं जिनमें वो भारतीय सैनिकों से दुर्व्यवहार कर रहे हैं। खुद हैदराबाद के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी चीन की ओर से इन फोटो को शेयर करके चीन का संदेश भारत में फैलाने की घिनौनी कोशिश की है।

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भारतीय नेताओं और मीडिया हाउस ने भी शेयर की शर्मनाक फेक फोटो
दुख की बाद है कि भारत के ही कुछ मीडिया घरानों ने भी ऐसे ही फोटो जारी करके दावा किया कि चीन ने भारतीय सैनिकों को गिराकर उनकी जबरदस्त पिटाई की। इसी फोटो को शेयर करके हैदराबाद के नेता भी संदेह के घेरे में आ गए। मगर जब फैक्ट चैक किया तो पता चला कि इस तस्वीर का लड़ाई से कोई लेना-देना नहीं है। अलबत्ता काफी वक्त पहले जब ड्यूटी के दौरान भारतीय सैनिक बर्फीले तूफान में फंस कर घायल हो गए थे तो चीन के कुछ सैनिकों ने उनकी मदद की थी।

भारतीय सेना का मनोबल तोड़ने में जुटे हैं भारत के ही सियासी दल
इसी फोटो को भारतीय सैनिकों के दुर्व्यवहार को तौर पर जारी करके भारत की सेना का मनोबल तोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसी फोटो का सहारा AIMIM के नेता भी ले रहे हैं। अफवाहें फैलाने के लिए बदनाम एक चैनल ने भी इन्हीं फोटो को जारी करते हुए दोबारा दावा किया की चीन ने भारतीय सैनिकों को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें बंधक बनाए रखा और बाद में रिहा कर दिया। हालांकि खुद सेना पहले ही क्लीयर कर चुकी है कि ऐसा कोई वाकया नहीं हुआ है।

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बार्डर पर तनाव, मगर झड़प की कोई खबर नहीं, बाकी सब फेक न्यूज
जानकारी के लिए बता दें कि काफी वक्त से भारत और चीन की सीमा पर दोनों ओर के सैनिकों के बीच झड़प, मार-पीट की वारदातें होती रहती हैं। दोनों ओर के कुछ सैनिकों के घायल होने की खबरें भी मिलती रही हैं, मगर संधि के कारण कभी भी एक भी गोली नहीं चलाई गई है। हालांकि इन दिनों दोनों ओर से सेना का तनाव होने के बाद से इस तरह की उकसावे वाली झड़प अभी तक नहीं हुई है। भारत में इन दिनों चाइना के खिलाफ सेंटिमेंट तेजी से बन रहे हैं। कोरोना वायरस के बाद लद्दाख में बॉर्डर से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोगों में ये सेंटिमेंट और भी तेजी से बढ़ रहा है। मगर देश में ही रहकर कुछ लोग चीन की सेना के पक्ष में माहौल बनाने के लिए फेक फोटो का सहारा ले रहे हैं।

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