Friday, May 07, 2021
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अखबार का बड़ा खुलासा, ब्रिटेन की महारानी ने अपनी संपत्ति छुपाने के लिए सरकार पर डाला था दवाब

  • Updated on 2/9/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल।  ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth II) को लेकर बड़ी खबर आ रही है, इंग्लैंड के एक अखबार ने खुलासा किया है कि महारानी से साल 1970 में बकिंघन पैलेस की संपत्ति को सार्वजनिक करने वाले कानून से छूट देने के लिए दवाब बनाया था। अखबार ने इसे लेकर बड़े-बड़े दावे दावे किए इसके साथ अखबार ने कुछ साक्ष्य भी पेश किए हैं। इसके रिपोर्ट के जवाब में बकिंघम पैलेस (Buckingham Palace) के वकील ने खण्डन किया है और इसके कोरी अफवाह करार दिया है  

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वकील के माध्यम से लामबंद
बता दें अखबार ने अपनी रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाते  हुए दावे किए हैं, बकिंघम पैलेस ने इस लामबंदी के लिए अपने दिग्गज वकील मैथ्यू फेरर को तैनात किया था। फेरर उस समय सभी नेताओं, सांसदों पर दवाब बना रहे थे कि कैसे भी करके इस कानून से राजमहल को दूर रखा जाए। इसके लिए मैथ्यू फेरर उस समय कई वरिष्ठ अधिरकारियों से मिले थे। उन्होंने पूरी कोशिश की थी कैसे भी करके इस कानून को से राजमहल को दूर रखा जाए। उस समय वकील ने कहा था कि महारानी की संपत्ति और विभिन्न कंपनियों की हिस्सेदारी को दूर रखा जाए।   

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2011 में शैल कंपनी बनाई गई
बता दें अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि राजमहल की तरफ से सरकार को एक शैल कंपनी बनाने का भी सुझाव दिया गया था। जिसमें सरकारी कर्मचारी काम करेंगे मगर असल में इसके मदद से राजमहल की संपत्ति को गोपनीय रखा जाएगा। बता दें रिपोर्ट में अखबार ने खुलासा किया कि यह शैल कंपनी बनी जिसे बैंक ऑफ इंग्लैंड के अधिकारी चला रहे थे। इस कंपनी को 2011 में बंद किया गया । जब तक इसकी कोई जानकारी दूसरे तक नहीं पहुंची थी। 

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राजमहल ने बताया अफवाह
दूसरी तरफ इस समय रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए राजमहल बकिंघम पैलेस के प्रवक्ता ने कहा कि राजमहल संसदीय संप्रभुता का सम्मान करता हैं। और इस रिपोर्ट में किए गए सभी दावे कोरी अफवाह हैं। उन्होंने अखबार के किसी भी दावे को गंभीरता से नहीं लिया है। उन्होंने बहुत ही हल्के अंदाज में इस पर सफाई दी है। उन्होने इस बस अफवाह करार दिया है और अखबार के सभी तथ्यों को नकार दिया है।   

बता दें राजमहल पर लगे यह आरोप काफी गंभीर हैं, इस खबर के बाद पूरे ब्रिटेन में इस समय लोग इस मुद्दे पर खूब चर्चा कर रहे हैं। लोग जानना चाहते हैं कि सच क्या है। वहीं जिस तरह से राजमहल ने इस पर टिप्पणी की है। वह भी संदेह के घेरे में आती है। 

 

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