कई लोगों के लिए मसीहा बना 2 साल का बच्चा, मरने के बाद किया ये काम

  • Updated on 2/11/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। जब कोई हमें छोड़ कर जाता है तो उसका दुख बस वहीं समझ सकता है जो उसका अपना हो वहीं अगर बात किसी बच्चे की हो तो उसकी मां पर जो गुरजती है उस दुख को कोई कम नहीं कर सकता है। हाल ही में मुंबई से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी के सामने दरियादली की एक नई मिसाल पेश की है।

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मुंबई के बॉम्बे अस्पताल में 4 फरवरी को एक बच्चे की तबीयत खराब होने पर भर्ती किया गया था। जिसकी उपचार के दौरान बीती शाम मौत हो गई। जब इस बात की खबर डॉक्टरों ने उस बच्चे के घर के सदस्यों को दी तो  पूरे परिवार में मातम का छा गया। लेकिन इसी मातम के बीच बच्चे के परिवार वालों ने एक ऐसा फैसला लिया जिससे कई मासूमों की जान बचाई जा सकती है।

आपको बता दें कि परिवार वालों ने अपने बच्चे का अंगदान करने का फैसला लिया। जिसके बाद बच्चे का हार्ट चेन्नै स्थित अपोलो अस्पताल में भेजा गया है। एक किडनी लीलावती, जबकि दूसरी ग्लोबल अस्पताल को भेजी गई है। वहीं और लिवर ठाणे स्थित जुपिटर अस्पताल को दिया गया है। इसके अलावा बच्चे की आंख अंधेरी के एक आई बैंक को दी गई है। 

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मीडिया से बातचीत के दौरान बॉम्बे अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि इस बच्चे के अंगदान करने का फैसला काफी मुस्किल था लेकिन परिवार वालो के इस फैसले से कई और जिंदगी बचाई जा सकती है। ऐसा बहुत ही कम देखने को मिलता है इसलिए इस दो साल के बच्चे का उदाहरण काफी वक्त तक याद किया जाएगा। 
 

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