Tuesday, May 21, 2019
''जजों के असहमति के फैसले सार्वजनिक हो सकते हैं तो चुनाव आयुक्तों के क्यों नहीं''

''जजों के असहमति के फैसले सार्वजनिक हो सकते हैं तो चुनाव आयुक्तों के क्यों नहीं''

स्पेशल स्टोरी

माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने चुनाव आयुक्तों के असहमति के फैसलों को आयोग के फैसले में शामिल नहीं करने को जनतंत्र के लिये अनुचित बताते हुये कहा है कि अगर शीर्ष अदालत के फैसलों में असहमति के फैसले को शामिल किया जा सकता है तो चुनाव आयोग में ऐसा क्यों....

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