Sunday, Nov 28, 2021
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क्या सरकार ‘पिंजरे के तोते’ को आजाद करेगी

क्या सरकार ‘पिंजरे के तोते’ को आजाद करेगी

स्पेशल स्टोरी

अन्वेषण ब्यूरो (सी.बी.आई.) के बारे में ऐसा क्या है कि वह हमेशा विवादों में बनी रहती है, जिसके चलते इसे भ्रष्टाचार, सांठ-गांठ और सुविधा का केन्द्रीय ब्यूरो या प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त जांच का षड्यंत्र ब्यूरो के उपनाम दिए गए हैं। 

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  • देश को उद्योग प्रधान बनाए बिना आर्थिक विकास संभव नहीं

    देश को उद्योग प्रधान बनाए बिना आर्थिक विकास संभव नहीं

    खेतीबाड़ी के मामले में अपने को कृषि प्रधान कहते हुए देशवासी इतने भावुक हो जाते हैं कि धरती को मां और किसान को अन्नदाता कहते नहीं थकते। अब यह बात और है कि जमीन जब बंजर, सूखाग्रस्त और रेतीली हो जाती है तो उसका इलाज कर खेती के काबिल बनाने की बजाय

  • केंद्र सरकार अंतर्राज्यीय विवादों में हस्तक्षेप करे

    केंद्र सरकार अंतर्राज्यीय विवादों में हस्तक्षेप करे

    शासन से भारत को आजादी प्राप्त किए हुए लगभग 75 वर्ष हो चुके हैं। मगर हम अभी भी इसकी विरासत तथा इसके द्वारा उलझाए गए विवादों को भुगत रहे हैं। संवेदनशील मुद्दों को लटकाने की सरकारों की प्रवृत्ति रही है। विवादों के किसी भी समाधान से सरकारें बचना चाहती हैं। 

  • कर्नाटक में येद्दियुरप्पा को नजरअंदाज नहीं कर सकती भाजपा

    कर्नाटक में येद्दियुरप्पा को नजरअंदाज नहीं कर सकती भाजपा

    जुलाई कर्नाटक के मुख्यमंत्री येद्दियुरप्पा के राज्य में शासन की दूसरी वर्षगांठ थी लेकिन किसी समारोह का आयोजन करने की बजाय यह उनके द्वारा इस्तीफा देने की घोषणा के बाद एक भावुक विदाई भाषण के लिए अवसर में बदल गई। राज्य में बी.एस.वाई. के तौर पर जाने जाते

  • कारगिल युद्ध ने दुनिया को पाकिस्तान का असली चेहरा दिखा दिया

    कारगिल युद्ध ने दुनिया को पाकिस्तान का असली चेहरा दिखा दिया

    मार्च 1999 को पाकिस्तान सेना के जनरल परवेज मुशर्रफ और आई.एस.आई. चीफ इकतार अहमद भट्ट ने इस समझौते को नकार कर भारत के कारगिल जिले में घुसपैठ कर ‘ऑपरेशन बद्र’ आरंभ किया।

  • न्यायालय और चिकित्सालय जीवन रक्षा के असली केंद्र 

    न्यायालय और चिकित्सालय जीवन रक्षा के असली केंद्र 

    न्यायालय और चिकित्सालय जीवन रक्षा के असली केंद्र मुझे हमेशा लगते रहे हैं। मैं विधिवेत्ताओं, न्यायाधीशों और चिकित्सा विशेषज्ञों और चिकित्सकों का सर्वाधिक सम्मान करते हुए उनसे संबंध रखने का प्रयास करता हूं। कोरोना के भयावह काल में तो उनकी सलाह, सहायता और सेवा से करोड़ों लोगों की जीवन रक्षा हो रही है।

  • इस कठिन समय में भी राजनीति कर कोविड योद्धाओं का मनोबल न तोड़ें

    इस कठिन समय में भी राजनीति कर कोविड योद्धाओं का मनोबल न तोड़ें

    राहुल गांधी व कांग्रेस आज कोरोना की लड़ाई में भी राजनीति और देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं, जो अत्यंत निंदनीय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार व समस्त भाजपा कार्यकत्र्ता देशवासियों को महामारी से बचाव में लगे हैं।

  • देश से लेकर परदेस तक अपनों की चिंता

    देश से लेकर परदेस तक अपनों की चिंता

    दिल्ली मुंबई ही नहीं सुदूर गांवों तक कोरोना महामारी के संकट से हाहाकार है। मेरे परिजनों मित्रों के संदेश देश के दूर-दराज हिस्सों के साथ ब्रिटेन, जर्मनी, अमरीका से भी दिन-रात आ रहे हैं। विदेश में बैठे परिजन तो और अधिक विचलित हैं, क्योंकि उन्हें केवल भयानक सूचनाएं

  • संकटकाल के दौरान सेना की प्रशंसनीय भूमिका मगर...

    संकटकाल के दौरान सेना की प्रशंसनीय भूमिका मगर...

    कोरोना महामारी की दूसरी भयंकर लहर ने देश को हिला कर रख दिया है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान अप्रत्यक्ष रूप में यह स्वीकार किया कि इस किस्म की आपदा के लिए देश पूरी तरह से तैयार नहीं था। 

  • अमिताभ बच्चन ने करवाई मोतियाबिंद की लेजर सर्जरी, हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होंगे आज

    अमिताभ बच्चन ने करवाई मोतियाबिंद की लेजर सर्जरी, हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होंगे आज

    अमिताभ बच्चन की सेहत कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने मोतियाबिंद का ओपरेशन करवाया है और वे आज यानी सोमवार को जल्द घर पहुंच जाएंगे। यह एक छोटा सा ऑपरेशन था। इस दौरान वे सिर्फ 24 घंटे तक डॉक्टर्स की निगरानी में रहेंगे।

  • ''मैं और मेरा साल 2020''

    ''मैं और मेरा साल 2020''

    साल 2020 में जहां एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना काल में परेशान, बेबस और बेचैन थी। समझ नहीं आ रहा था कि इस भयावह काल में कैसे लोगों की जिंदगी चलेगी। एक तरफ कोरोना की मार थी तो वहीं दूसरी तरफ रोजीरोटी की चिंता सता रही थी। मुझे भी चिंता अपने...

  • ‘अमर’ होना है तो करें ‘अंगदान’

    ‘अमर’ होना है तो करें ‘अंगदान’

    व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात उसकी यादें और अच्छी बातें ही उसे संसार में जिंदा रखती हैं किंतु अंगदान करके वह कई लोगों को नया जीवन दे सकता है और उनमें अपने अंगों के जरिए जिंदा रह सकता है। इंसानी अंगों को बनाना अभी मुमकिन नहीं हुआ है, इस पर रिसर्च चल रही है...

  • संविधान के ‘मूलभूत ढांचे’ का महत्व 

    संविधान के ‘मूलभूत ढांचे’ का महत्व 

    हम लोकतांत्रिक भारत के लोगों को केशवानंद भारती स्वामी जी का धन्यवादी होना चाहिए जिनकी  मौलिक अधिकारों बारे ऐतिहासिक याचिका ने संविधान के मूलभूत ढांचे को बनाए रखने में हमारी मदद की

  • कोरोना निगेटिव होने के बाद अब दुकान खोलेंगे अमिताभ, यहां देखिए वेंचर की प्लानिंग

    कोरोना निगेटिव होने के बाद अब दुकान खोलेंगे अमिताभ, यहां देखिए वेंचर की प्लानिंग

    कोरोना वायरस से छुटकारा पाने के बाद इस चीज को लेकर बेचान हुए अमिताभ बच्चन।

  • अस्पताल ने डिस्चार्ज होते वक्त अपने दादा अमिताभ बच्चन से बोली आराधया- रोना मत...

    अस्पताल ने डिस्चार्ज होते वक्त अपने दादा अमिताभ बच्चन से बोली आराधया- रोना मत...

    अमिताभ बच्चन की पोती ने अस्पताल से डिस्चार्ज होते वक्त अपने दादाजी से कही यह बात।

  • अमिताभ बच्चन को मिली मरने की बद्दुआ, एक शख्स ने भेजा मैसेज- I hope you die with this Covid!

    अमिताभ बच्चन को मिली मरने की बद्दुआ, एक शख्स ने भेजा मैसेज- I hope you die with this Covid!

    अमिताभ बच्चन नानावती अस्पताल में कोरोना का इलाज करवा रहे हैं। जहां एक तरफ पूरा देश उनकी सलामती की दुआ कर रहा है वहीं एक शख्स ने उन्हें मैसेज भेजकर मरने की बद्दुआ दी है...

  • रिचा चड्ढा ने कहा- साथ में ना सोने पर ऐक्‍ट्रेस को न‍िकालने वाले डायरेक्‍टर्स आज मना रहे शोक

    रिचा चड्ढा ने कहा- साथ में ना सोने पर ऐक्‍ट्रेस को न‍िकालने वाले डायरेक्‍टर्स आज मना रहे शोक

    रिचा चड्ढा ने हाल ही में अपने ट्विटर हैंडल पर ब्लॉग शेयर किया है जिसकेजरिए वो अपनी भड़ास निकालती हुई नजर आ रही हैं।

  • राष्ट्र की रक्षा के लिए ‘पारदर्शिता’ भी जरूरी

    राष्ट्र की रक्षा के लिए ‘पारदर्शिता’ भी जरूरी

    कई बातें अखबार से भी  पता चलती हैं। हर मंत्री को उसके संबंधित विभाग तक की जानकारी रहती है। यह तो युद्ध काल था, लेकिन सामान्य रूप से भी डाऊनिंग स्ट्रीट (प्रधानमंत्री कार्यालय) उन्हें उतनी जानकारियां ही देता है, जितना उसे अपने अनुकूल लगता है। मंत्रियों को सबसे अधिक यह बात खलती है कि उन्हें स्वास्थ्य,

  • अच्छाइयों-बुराइयों को समझ कर भविष्य बदलें

    अच्छाइयों-बुराइयों को समझ कर भविष्य बदलें

    उद्यमिता बालकनी में दीए जलाने से अलग है।  यह भावना नहीं, संस्कृति, कार्य-संस्कृति, राज्य और उसकी संस्थाओं के प्रति व्यक्ति का विश्वास, जिसे रोबर्ट पुटनम ने ‘सोशल कैपिटल’ की संज्ञा दी थी, से पैदा होता है। कोरोना-संकट में अभावग्रस्त करोड़ों लोगों ने दिखा दिया कि उद्यमिता के सारे तत्व उनके भीतर हैं। अग

  • मोदी सरकार को मिलेगा 'किसान विरोधी तगमा'

    मोदी सरकार को मिलेगा 'किसान विरोधी तगमा'

    भारत का भाग्यविधाता अन्नदाता किसान अपना खून पसीना सींच कर खेतों में सोना उगाता है मगर उस सोने को मिट्टी के दाम बेचने के लिए मजबूर कर दिया जाता है। भारत में आज भयावह महामारी की भीषणतम मार अगर किसी पर पड़ी है तो वो है ‘राष्ट्र निर्माता मजदूर’ और ‘अन्नदाता किसान’...

  • कश्मीर के साथ पाकिस्तान का ''जुनून'' जारी है

    कश्मीर के साथ पाकिस्तान का ''जुनून'' जारी है

    जम्मू -कश्मीर को केंद्रीय शासित प्रदेश घोषित तथा अनुच्छेद-370 को समाप्त करने के बाद घाटी में फिर से अशांति और हिंसा के दिन लौट रहे हैं। हिजबुल मुजाहिद्दीन और अंसार गजवत उल ङ्क्षहद (ए.जी.एच.) के प्रमुखों की हत्या के साथ पिछले 10 दिनों के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। भारत के लिए हिजबुल प्

  • केबीसी की शूटिंग करके ट्रोल हुए बिग बच्चन, दिया यंग एंग्रीमैन स्टाइल जवाब

    केबीसी की शूटिंग करके ट्रोल हुए बिग बच्चन, दिया यंग एंग्रीमैन स्टाइल जवाब

    अपने ब्लॉग में अमिताभ बच्चन ने ऐसे लोगों को दो टूक सुनाते हुए कहा अगर किसी को इससे दिक्कत या परेशानी है तो इसे अपने तक ही रखें। यहां कुछ कहने की कोशिश ना करें।

  • डॉ. अम्बेडकर ने श्रमिकों के ''अधिकारों'' की नींव रखी

    डॉ. अम्बेडकर ने श्रमिकों के ''अधिकारों'' की नींव रखी

    कई नेता श्रमिकों के लिए एक प्रकाश स्तम्भ थे और संविधान निर्माता डाक्टर बी.आर. अम्बेडकर उनमें से एक थे। गोलमेज सम्मेलन में अवसादग्रस्त वर्गों के प्रतिनिधि के रूप में अम्बेडकर ने क्रूर जमींदारों के चंगुल से किसानों को आजाद कराने, उनके लिए सभ्य काम करने की स्थिति, जीवित मजदूरी तथा उनकी स्वतंत्रता के लि

  • ऋषि कपूर के जाने से टूट गए अमिताभ बच्चन, शेयर किया ये Video

    ऋषि कपूर के जाने से टूट गए अमिताभ बच्चन, शेयर किया ये Video

    ऋषि कपूर के निधन का खबर सभी को देने वाले बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर अमिताभ बच्चन खुद इस वक्त सदमे में हैं। अपने सबसे करीबी को खोने का उन्हें बहुत दर्द है...

  • एक क्लिक में पढ़ें Bollywood से जुड़ी Top खबरें

    एक क्लिक में पढ़ें Bollywood से जुड़ी Top खबरें

    फिल्मी दुनिया में क्या हलचल है और कौन किससे पीछे या किसकी हुई किससे लड़ाई एक क्लिक में पढ़ें अभी तक की ये Top खबरें...

  • ''काम वापसी'' से खत्म हो लॉकडाऊन

    ''काम वापसी'' से खत्म हो लॉकडाऊन

    कोरोना की वजह से भारत में लगभग 1074 लोगों की मौत हुई, जिनमें कई दूसरी बीमारियों से पीड़ित और बुजुर्ग थे। दूसरी तरफ एन.सी.आर.पी. के 2014 के आंकड़ों के अनुसार कैंसर मर्ज अकेले से भारत में लगभग 1300 लोगों की रोजाना मौत हो रही है। कोरोना वायरस की बजाय खबरों के आतंकी हमले और लॉकडाऊन की दुश्वारियों की वजह

  • संतों की हत्या का जिम्मेदार कौन

    संतों की हत्या का जिम्मेदार कौन

    महाराष्ट्र के पालघर में दो निर्दोष, निरपराध संतों की भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या का दृश्य देखकर पूरे देश में आक्रोश व्याप्त है। सच यही है कि अगर लॉकडाऊन नहीं होता तो अभी तक साधू-संत, उनके समर्थक और देश के आम लोग भारी संख्या में सड़कोंं पर होते। इस तरह किसी निरपराध, निर्दोष संन्यासी की पीट-पीट कर हत

  • अमिताभ बच्चन ने मनाया 12 वां बर्थ डे ! सोशल मीडिया पर लगा बधाइयों का तांता

    अमिताभ बच्चन ने मनाया 12 वां बर्थ डे ! सोशल मीडिया पर लगा बधाइयों का तांता

    बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने फैंस को दी एक खुशखबरी जिसके बाद सोशल मीडिया पर लगातार उनको बधाइयां दी जा रही हैं।

  • जरूरतमंदों तथा प्रवासियों की तरफ ‘उदार’ होने की आवश्यकता

    जरूरतमंदों तथा प्रवासियों की तरफ ‘उदार’ होने की आवश्यकता

    मुंबई में विश्व के सबसे बड़े झुग्गी-झोंपड़ी वाले इलाके धारावी के 2.4 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में करीब 8.5 लाख लोग रहते हैं जोकि इस ग्रह पर सबसे ज्यादा जनसंख्या घनत्व वाला क्षेत्र है। एक कमरे में 8 से 10 लोग रहते हैं जोकि 10 वर्ग फुट से ज्यादा आकार का कमरा नहीं होता। कोरोना वायरस के फूटने के दौरान आप इ

  • ये नये मिज़ाज का शहर है, ज़रा फ़ासले से मिला करो

    ये नये मिज़ाज का शहर है, ज़रा फ़ासले से मिला करो

    कोरोना का आना और चले जाना सिर्फ़ चुनौती नहीं, एक अवसर भी है और ख़तरा भी। कोरोना हमारे पास बहुत सारे सवाल छोड़ कर जाने वाला है।जिनके जवाब अगर हमने समय रहते नहीं ढूंढे, तो वह या उसी की तरह कोई दूसरा वायरस हम पर पलट कर हमला कर सकता है।ये सवाल हमारे जीवन, रहन-सहन...

  • येस बैंक संकट के लिए बैंकिंग प्रणाली की ‘खामियां’ जिम्मेदार

    येस बैंक संकट के लिए बैंकिंग प्रणाली की ‘खामियां’ जिम्मेदार

    मोदी, विजय माल्या और चंदा कोचर द्वारा बैंकों को चूना लगाए जाने के बाद सामने आया येस बैंक का संकट इस बात की गवाही देता है कि हमने नीरव मोदी के घोटाले से कुछ नहीं सीखा। येस बैंक का मौजूदा संकट भी बैंकिंग प्रणाली की विफलता का नतीजा है। इस...

  • अपनी ‘आत्मा’ को बचाकर रखें

    अपनी ‘आत्मा’ को बचाकर रखें

    आप अपनी आत्मा कैसे नहीं बेच सकते। आप उन लोगों की तरफदारी मंजूर न करें, जो आपको ऐसा करने के लिए कहते हैं। यहां पर कुछ लोग शैतान जैसे हैं जो आपकी...

  • सत्ता पाने के लिए सब कुछ किया जा रहा है और इस हमाम में सभी नंगे हैं

    सत्ता पाने के लिए सब कुछ किया जा रहा है और इस हमाम में सभी नंगे हैं

    जहां शिवसेना नीत उद्धव ठाकरे की सरकार में अजीत पवार उपमुख्यमंत्री बनने में सफल रहे वहीं अब राकांपा सुप्रीमो शरद पवार की अध्यक्षता वाले मराठवाड़ा में जालना जिले...

  • न कोई ‘बंदा’ रहा न कोई बंदा नवाज

    न कोई ‘बंदा’ रहा न कोई बंदा नवाज

    हिन्दुस्तान में मुस्लिम समाज के बीच जितनी भी जाति-बिरादरियां बनी या बनाई गई हैं उनकी अपनी-अपनी अलग अंजुमनें और कमेटियां हैं। इन अंजुमन और कमेटियों को किसी न किसी सियासी पार्टी का वरदहस्त प्राप्त होता है। कमोबेश ये सभी अंजुमन और कमेटियां अपनी-अपनी...

  • बोडोलैंड समझौते से असम की ‘अखंडता’ का रास्ता साफ

    बोडोलैंड समझौते से असम की ‘अखंडता’ का रास्ता साफ

    कोकराझार के केन्द्र बिन्दू के साथ फैले विस्तृत क्षेत्र में बोडो ने ङ्क्षहसा फैलाई थी। बोडो संगठनों ने लगातार पब्लिक कफ्र्यू लगाने तथा हिंसा फैलाने जैसी बातों को अंजाम दिया था। इसके अलावा पूरे देश को पूर्वोत्तर के साथ जोडऩे वाले रेल ट्रैफिक को भी अवरुद्ध किया था। असम जोकि वर्तमान में...

  • विभाजन की ‘परछाईं’ और मौलाना आजाद

    विभाजन की ‘परछाईं’ और मौलाना आजाद

    चूंकि सी.ए.ए., एन.आर.सी., एन.पी.आर. पर चर्चा के दौरान ‘‘विभाजन’’ शब्द भी आया है ऐसे में ध्यान मौलाना आजाद की ओर जाता है...