Friday, Dec 06, 2019
नेताओं की ‘बेलगाम होती जुबान’  पर अंकुश कैसे लगे

नेताओं की ‘बेलगाम होती जुबान’  पर अंकुश कैसे लगे

स्पेशल स्टोरी

विडम्बना ही है कि स्वतंत्रता के 72 वर्ष बाद भी लगभग सभी दलों के नेताओं द्वारा परिणामों की चिंता किए बगैर एक-दूसरे पर अनावश्यक छींटाकशी और बिना विचारे बयान देकर समाज में कटुता पैदा करने का सिलसिला थमा नहीं है जिसके मात्र 5 दिनों के उदाहरण निम्र में...

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