Saturday, Oct 01, 2022
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माह ए रमजानः शेयरिंग और केयरिंग के साथ इंसानियत का पैगाम

माह ए रमजानः शेयरिंग और केयरिंग के साथ इंसानियत का पैगाम

स्पेशल स्टोरी

एक नजीर की तरह काम करता है रमजान। जिस तरह से रोजे रखने के दौरान केवल और केवल खुदा की इबादत के बारे में सोची जाती है और लोगों की मदद करने की कोशिश हर लम्हा की जाती है, उससे खुदा के बंदों में नेकी पैदा होती है। महीने भर ऐसा करने से मन में बुरे ख्याल खत्म हो जाते हैं।

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